झारखंड के रांची जिले के सारयाद गांव में आज सुबह अचानक से अफरा-तफरी मच गई. बुंडू वन प्रमंडल के सोनाहातू थाना क्षेत्र के इस गांव में एक जंगली हाथी कुएं में गिर गया. घटना की खबर फैलते ही इस गांव तथा आसपास के इलाकों से सैकड़ों ग्रामीण भागते हुए कुएं पर पहुंच गए. देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई. इस घटना की सूचना वन विभाग को दी गई. इसके बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई और घटनास्थल पर पहुंच गई. उन्होंने हाथी को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी शुरू कर दी. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाथी कुएं में गिरने के बाद भी सुरक्षित था. टीम ने उसे बिना किसी नुकसान के बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कुछ घंटे बाद उसे बाहर निकाल लिया.
हाथी के बाहर निकलने के लिए रास्ता बनाने का प्रयास
हाथी को रेस्क्यू करने के लिए जेसीबी मशीन, रस्सी, मिट्टी कटाई और ढलान बनाने जैसे विकल्पों पर काम किया गया. जानकारों का मानना था कि पहली कोशिश यहा होनी चाहिए कि हाथी को सीधे नहीं खींचा जाए. बल्कि पहले यह प्रयास किया जाए कि हाथी को सामान्य तरीके से ही बाहर निकलने का रास्ता दिया जा सके.
इस इलाके में अक्सर गांव में आते हैं हाथी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार हाथी संभवतः जंगल या आसपास के रास्ते से गुजरते हुए अचानक खुले या असुरक्षित कुएं के पास पहुंच गया और संतुलन बिगड़ने से उसमें गिर पड़ा. सोनाहातू, बुंडू, तमाड़ और आसपास के इलाके लंबे समय से हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र माने जाते हैं. इन इलाकों में कई बार भोजन और पानी की तलाश में हाथी गांवों के करीब पहुंच जाते हैं. ऐसे में खुले कुएं, खेतों के किनारे बने गड्ढे और असुरक्षित जलस्रोत वन्यजीवों के लिए खतरा बन जाते हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद खुले कुएं और बिना घेराबंदी वाले जल स्रोत न सिर्फ इंसानों बल्कि जंगली जानवरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं. इस घटना ने एक बार फिर ऐसे स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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