रंग-बिरंगे शिकारों ने दिया नशा छोड़ो का संदेश, डल झील में पहली बार नशा विरोधी शिकारा रैली 

डल झील में आयोजित रैली में कई रंग-बिरंगे शिकारे शामिल हुए. ये शिकारे बहुत सुंदर तरीके से सजाए गए थे. इन पर बैनर और तख्तियां लगी थीं, जिन पर नशा छोड़ने के संदेश लिखे थे.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
नशा मुक्ति के खिलाफ जम्‍मू-कश्‍मीर में 100 दिनों के लिए अभियान चलाया जा रहा है.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में डल झील पर पहली बार नशा विरोधी शिकारा रैली का आयोजन किया गया.
  • यह रैली नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और पर्यटन विभाग की संयुक्त पहल थी.
  • रैली में रंग-बिरंगे शिकारे बैनर और तख्तियों के साथ सजाए गए थे, जिन पर नशा छोड़ने के संदेश लिखे गए थे.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

जम्मू‑कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में ऐतिहासिक डल झील पर पहली बार नशा विरोधी शिकारा रैली का आयोजन किया गया.  इस खास और नई पहल के जरिए नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया. रैली का आयोजन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने किया, जबकि पर्यटन विभाग ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया. यह कार्यक्रम “नशा मुक्त जम्मू‑कश्मीर” अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत उपराज्यपाल द्वारा की गई है. नशा मुक्ति के खिलाफ जम्‍मू-कश्‍मीर में 100 दिनों के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. श्रीनगर जिला प्रशासन भी इसमें भाग ले रहा है. 

रैली में कई रंग-बिरंगे शिकारे शामिल हुए. ये शिकारे बहुत सुंदर तरीके से सजाए गए थे. इन पर बैनर और तख्तियां लगी थीं, जिन पर नशा छोड़ने के संदेश लिखे थे. शिकारे डल झील के पानी पर धीरे-धीरे आगे बढ़े. यह नजारा बहुत आकर्षक और खास था. पर्यटक भी इसे देखकर प्रभावित हुए. इस रैली में छात्र भी शामिल हुए. 

ये भी पढ़ें: तिरंगे जैसा था रिबन, CM उमर अब्दुल्ला ने फीता काटने से ही कर दिया इनकार, VIDEO वायरल

शिकारा मालिकों ने लिया हिस्‍सा 

साथ ही रैली में शिकारा मालिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कई अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. अधिकारियों ने लोगों से सीधे बात की और उन्‍हें नशे के नुकसान के बारे में समझाया. रैली का उद्देश्य हर वर्ग तक संदेश पहुंचाना था. पर्यटकों को भी जागरूक किया गया तो स्थानीय लोगों को भी समझाया गया. खास ध्यान झील के किनारे रहने वाले लोगों पर दिया गया.

Advertisement

ये भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर में छात्रा उत्पीड़न पर भड़का गुस्सा, प्रदर्शन में तोड़फोड़; पुलिस ने 5 और उपद्रवियों को दबोचा

पर्यटकों को भी नशे से दूर रहने का देंगे संदेश 

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं. शिकारा मालिकों ने इस पहल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वे भी जागरूकता फैलाएंगे और पर्यटकों को भी नशे से दूर रहने को कहेंगे. 

Advertisement

डल झील पर निकली यह नशा विरोधी शिकारा रैली न सिर्फ एक नई शुरुआत मानी जा रही है, बल्कि इसने यह भी संदेश दिया कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई में हर वर्ग की भागीदारी बेहद जरूरी है. 

Featured Video Of The Day
Women Reservation Bill पर वोटिंग के दौरान पक्ष और विरोध में कितने वोट पड़े? | Breaking News