- जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में डल झील पर पहली बार नशा विरोधी शिकारा रैली का आयोजन किया गया.
- यह रैली नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और पर्यटन विभाग की संयुक्त पहल थी.
- रैली में रंग-बिरंगे शिकारे बैनर और तख्तियों के साथ सजाए गए थे, जिन पर नशा छोड़ने के संदेश लिखे गए थे.
जम्मू‑कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में ऐतिहासिक डल झील पर पहली बार नशा विरोधी शिकारा रैली का आयोजन किया गया. इस खास और नई पहल के जरिए नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया. रैली का आयोजन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने किया, जबकि पर्यटन विभाग ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया. यह कार्यक्रम “नशा मुक्त जम्मू‑कश्मीर” अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत उपराज्यपाल द्वारा की गई है. नशा मुक्ति के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में 100 दिनों के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. श्रीनगर जिला प्रशासन भी इसमें भाग ले रहा है.
रैली में कई रंग-बिरंगे शिकारे शामिल हुए. ये शिकारे बहुत सुंदर तरीके से सजाए गए थे. इन पर बैनर और तख्तियां लगी थीं, जिन पर नशा छोड़ने के संदेश लिखे थे. शिकारे डल झील के पानी पर धीरे-धीरे आगे बढ़े. यह नजारा बहुत आकर्षक और खास था. पर्यटक भी इसे देखकर प्रभावित हुए. इस रैली में छात्र भी शामिल हुए.
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शिकारा मालिकों ने लिया हिस्सा
साथ ही रैली में शिकारा मालिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कई अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. अधिकारियों ने लोगों से सीधे बात की और उन्हें नशे के नुकसान के बारे में समझाया. रैली का उद्देश्य हर वर्ग तक संदेश पहुंचाना था. पर्यटकों को भी जागरूक किया गया तो स्थानीय लोगों को भी समझाया गया. खास ध्यान झील के किनारे रहने वाले लोगों पर दिया गया.
पर्यटकों को भी नशे से दूर रहने का देंगे संदेश
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं. शिकारा मालिकों ने इस पहल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वे भी जागरूकता फैलाएंगे और पर्यटकों को भी नशे से दूर रहने को कहेंगे.
डल झील पर निकली यह नशा विरोधी शिकारा रैली न सिर्फ एक नई शुरुआत मानी जा रही है, बल्कि इसने यह भी संदेश दिया कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई में हर वर्ग की भागीदारी बेहद जरूरी है.














