महिला आरक्षण विधेयक: संसद में हारी लड़ाई, BJP सड़क पर लेकर आई

संसद में महिला आरक्षण बिल की हार चुकी लड़ाई बीजेपी अब सड़कों पर ले आई है. शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली सहित लखनऊ, पटना, बेंगलुरु सहित कई शहरों में बीजेपी की महिला नेताओं ने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया.

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दिल्ली में राहुल गांधी के आवास के पास विरोध-प्रदर्शन कर रही BJP महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार.
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  • BJP की महिला नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने के विरोध में दिल्ली और कई शहरों में प्रदर्शन किया.
  • लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का 131वां संविधान संशोधन प्रस्ताव 54 वोटों के अंतर से पास नहीं हो सका था.
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला.
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नई दिल्ली:

महिला आरक्षण विधेयक में संसद में हार चुकी लड़ाई BJP अब सड़क पर ले आई है. देश की राजधानी दिल्ली के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों की राजधानी में शनिवार को बीजेपी की महिला नेताओं ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया. महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े विधेयक के पारित नहीं होने पर BJP की महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सुनहरी बाग स्थित आवास के पास विरोध मार्च निकाला. इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉफ्रेंस कर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखे हमले किए. लखनऊ में बीजेपी नेता अर्पणा यादव ने कांग्रेस और सपा के झंडों को जलाया. पटना, बेंगलुरु, जयपुर, भोपाल सहित अन्य शहरों से भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आईं.

राहुल गांधी के आवास के पास BJP महिला नेताओं का मार्च

प्रदर्शनकारियों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसद हेमा मालिनी, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज, मंजू शर्मा और वात्सल्य गुप्ता शामिल थीं. उन्होंने शुक्रवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित नहीं होने के लिए विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की और उन पर देश की महिलाओं को ‘अपमानित' करने का आरोप लगाया.

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने किया पानी का बौछार

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे, सांसद मनोज तिवारी और पार्टी की महिला कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं. अधिकारियों ने बताया कि गांधी के आवास की ओर बढ़ रही महिला प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया.

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दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन करती बीजेपी की महिला नेता व कार्यकर्ता.

हेमा मालिनी ने कहा- विपक्ष को महिलाओं की शक्ति पर भरोसा नहीं

मोती लाल नेहरू मार्ग पर एकत्र प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए हेमा मालिनी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधेयक पारित कराने के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे पारित नहीं होने दिया.'' उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए बहुत दुखद दिन है. ऐसा लगता है कि विपक्ष को महिलाओं की शक्ति पर भरोसा नहीं है और वे उन्हें उनके अधिकार नहीं देना चाहते.''

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स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉफ्रेंम में कांग्रेस पर बोला हमला

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि वे विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने पर खुशी मना रहे हैं, जबकि विभिन्न दलों की महिला नेता दशकों से इसकी मांग कर रही थीं.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने गर्व से मुस्कुराते हुए, मेजें थपथपा कर, आम महिलाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं को कुचले जाने का जश्न मनाया. कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस बात का जश्न मनाया कि जिन महिलाओं ने वर्षों तक राजनीति में संघर्ष किया है और जो संसद में केवल 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रही थीं, उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया.''

बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर दिल्ली की सड़कों पर उतरी सीएम रेखा गुप्ता व अन्य बीजेपी नेता व कार्यकर्ता.

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता संसद में नारी शक्ति संशोधन विधेयक पारित न होने के विरोध में शनिवार को यहां एक सम्मेलन में काली पट्टी बांधकर पहुंचीं. रेखा ने इसे ‘दुखद' घटनाक्रम बताते हुए शुक्रवार को लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की.

उन्होंने ‘कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (सीएआईटी) द्वारा आयोजित महिला उद्यमी शिखर सम्मेलन में कहा कि प्रत्येक महिला अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में विपक्षी दलों के ‘महिला-विरोधी' रुख को उठाएगी. मुख्यमंत्री ने शिखर सम्मेलन में महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में नारे भी लगाए.

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लखनऊ में सपा और कांग्रेस का झंडा जलाती अर्पणा यादव.

लखनऊ में अपर्णा यादव ने सपा और कांग्रेस का झंडा जलाया

लखनऊ में भाजपा नेता और राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात विधानभवन के सामने पहुंचकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस का झंडा जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. चूंकि अपर्णा समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव की छोटी पुत्रवधू हैं, इसलिए भी उनके इस प्रतिरोध से सियासी पारा चढ़ गया. सपा ने उन पर तीखे तंज कसे हैं.

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किरेन रीजीजू ने कांग्रेस पर ‘महिला विरोधी' होने का आरोप लगाया

केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित कराने के प्रयासों को 'विफल' करने के लिए कांग्रेस को ‘महिला-विरोधी' करार दिया. रीजीजू ने कहा कि महिलाओं को निर्णय-निर्माण में उनका उचित स्थान दिलाने के लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे.

कर्नाटक में बीजेपी ने राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन का किया ऐलान

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस के खिलाफ राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. पार्टी के महिला मोर्चा ने कांग्रेस को “महिला विरोधी” बताते हुए सड़कों पर उतरने की घोषणा की है. बेंगलुरु स्थित भाजपा कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन' में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलावादी नारायणस्वामी मौजूद रहे. इस दौरान “महिला शक्ति को रोकने वाले हाथ, महिलाओं के अधिकार दबाने वाली कांग्रेस” शीर्षक वाला पोस्टर भी जारी किया गया.

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सी. मंजुला ने कहा कि महिला राजनीतिक आरक्षण को लेकर जश्न की तैयारी थी, लेकिन अब यह गुस्से में बदल गई है. उन्होंने बताया कि शनिवार को मैसूरु, गडग, नेलमंगला, कोलार सहित कई जगहों पर प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं और यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा.

बेंगलुरु में बीजेपी नेताओं ने कहा, “यह आक्रोश तब तक जारी रहेगा, जब तक कांग्रेस को सत्ता से हटाया नहीं जाता.” साथ ही रविवार को बेंगलुरु शहर के तीन जिलों में भी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है. मंजुला ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर आंतरिक विरोधाभास होने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों की “महिला विरोधी नीतियों” को उजागर करेगी.

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल कैसे हुई फेल?

महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान के 131वें संशोधन को मोदी सरकार लोकसभा में पास नहीं करवा सकी. इस संशोधन में महिला आरक्षण लागू करने के साथ-साथ लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया था. 21 घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा में हुई वोटिंग में विधेयक के समर्थन में 298 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया. विधेयक को पारित होने के लिए 528 सदस्यीय सदन में दो-तिहाई यानी 352 सदस्यों के समर्थन की जरूरत थी. ऐसे में यह विधेयक 54 वोटों के अंतर से गिर गया. 

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