बजट रविवार को आएगा या नहीं? जल्दी खत्म होगा सस्पेंस, कैबिनेट कमेटी करेगी फैसला

सरकारी सूत्रों ने इशारा किया कि इस बात की पूरी संभावना है कि बजट रविवार एक फरवरी को ही पेश किया जाए, क्योंकि सरकार नहीं चाहती कि परंपरा बदली जाए. वैसे इस बारे में कैबिनेट की संसदीय मामलों की समिति ही फैसला करेगी जिसके अध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं.

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  • कैबिनेट की संसदीय मामलों की समिति की बैठक में बजट सत्र की तारीखों और बजट पेश करने का दिन तय किया जाएगा.
  • सरकार की प्राथमिकता है कि बजट परंपरा के अनुसार एक फरवरी को रविवार को ही सुबह 11 बजे पेश किया जाए.
  • संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होकर लगभग तीन सप्ताह चलेगा.
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नई दिल्ली:

कैबिनेट की संसदीय मामलों की समिति सीसीपीए की बैठक बुधवार को होने की संभावना है. इसमें बजट सत्र की तारीखों के बारे में फैसला किया जाएगा. इस बैठक में यह भी तय होगा कि इस साल बजट कब आएगा.

पिछले कुछ वर्षों से हर साल बजट एक फरवरी को सुबह 11 बजे पेश करने की परंपरा है. लेकिन इस बार एक फरवरी रविवार को है, जो कि छुट्टी का दिन है. एक फरवरी को गुरु रविदास जयंती भी है, इस वजह से गजेटेड हॉलिडे है.

एक फरवरी को बजट पेश करना चाहती है सरकार

हालांकि आला सरकारी सूत्रों ने इशारा किया है कि इस बात की पूरी संभावना है कि बजट रविवार एक फरवरी को ही पेश किया जाए, क्योंकि सरकार नहीं चाहती कि परंपरा बदली जाए. वैसे इस बारे में कैबिनेट की संसदीय मामलों की समिति ही फैसला करेगी जिसके अध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं. संभावना है कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद सीसीपीए की बैठक हो जिसमें फैसला किया जाए.

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कुछ ऐसा है सरकार का प्लान

आला सरकारी सूत्रों के अनुसार संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हो सकता है. 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश हो सकता है. 30 और 31 को छुट्टी रहेगी और 1 फरवरी को रविवार के दिन आम बजट पेश किया जा सकता है. बजट सत्र का पहला हिस्सा तीन सप्ताह तक चलने की संभावना है. पहले हिस्से में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी जिसका जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देंगे. इसके बाद आम बजट पर चर्चा होगी और वित्त विधेयक पेश किया जाएगा. जबकि दूसरा हिस्सा चार सप्ताह तक चलेगा जिसमें कुछ महत्वपूर्ण सरकारी बिल और डिमांड फॉर ग्रांट्स पर चर्चा होगी.

कई वर्षों से चली आ रही परंपरा 

2017 से ही बजट हर वर्ष 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाता है. गौरतलब है कि एक फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा है जो 2017 से तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रारंभ की थी. पिछले 2025 में एक फरवरी शनिवार को थी और उस दिन अंतरिम बजट पेश किया गया था. इससे पहले भी एक मौके पर शनिवार को बजट पेश किया जा चुका है. लेकिन 2017 के बाद से ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक फरवरी रविवार को पड़ रही है. 

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पहले शाम को पेश होता था बजट

हालांकि ऐसा पहली बार नहीं होगा जब बजट रविवार को पेश होगा. रविवार को बजट पहले भी पेश किया जा चुका है. 28 फरवरी 1999 को तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार को बजट पेश किया था. तब उन्होंने शाम पांच बजे के बजाए सुबह 11 बजे बजट पेश करने की शुरुआत भी की थी.

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दरअसल, रविवार को सरकारी दफ्तरों और शेयर बाजार में छुट्टी होती है. इस बार एक फरवरी को संत रविदास जयंती भी है.

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