- असम सरकार 40 लाख परिवारों की महिलाओं को 9,000 रुपये मिले
- असम सामाजिक कल्याण योजनाओं के वितरण में रचा इतिहास
- राज्य की प्रमुख ‘ओरुनोदई’ योजना के तहत पूरे असम में राशि का वितरण हुआ
हालिया चुनावों में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं ने देश में सरकारों की या तो सत्ता वापसी कराई हैं या उन्हें दोबारा सत्तासीन किया है. इसी कड़ी में असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की हिमंता बिस्वा सरकार ने बड़ा दांव चला है. मंगलवार को असम सरकार ने अरुनोदई योजना के लगभग 40 लाख लाभार्थियों के खातों में 9,000 रुपये की एकमुश्त राशि भेजी है.यह राज्य में अब तक की सबसे बड़ी एक दिन की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक है, जिसकी कुल राशि करीब 3,600 करोड़ रुपये है.
किसी चुनाव से जुड़ी नहीं है ये योजना...
विधानसभा चुनाव से पहले हिमंता सरकार की ओर से चला गया यह कदम बिहार में नीतीश कुमार के उस दांव की तरह है जहां बिहार के मुखिया ने इलेक्शन से ठीक पहले महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये की मदद पहुंचाई थी. असम सरकार की इस रकम में चार महीनों की वित्तीय सहायता के साथ महिलाओं के लिए दिया जाने वाला विशेष बिहू बोनस भी शामिल है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी के खानापाड़ा स्थित ज्योति-बिष्णु अंतर्राष्ट्रीय कला मंदिर ऑडिटोरियम से वर्चुअली लाखों लाभार्थियों को यह राशि वितरित की है. मीडिया से बात करते हुए सरमा ने कहा कि यह योजना कई सालों से चल रही है और किसी चुनाव से जुड़ी नहीं है.
स्कीम की खास डिटेल
सीएम हिमंता ने बताया कि यह योजना समाज के कमजोर तबकों की महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है,जैसे विधवा महिलाएं, तलाकशुदा महिलाएं, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित परिवार, और अन्य जरूरतमंद घर-परिवार. उनके अनुसार, सहायता केवल उन्हीं लोगों को दी जाती है जो तय मानकों के अनुसार वास्तव में इसके हकदार हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि असम महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाले राज्यों में सबसे आगे रहा है और यह काम पूरी तरह व्यवस्थित और नियंत्रित तरीके से किया जाता है. असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने इस पहल को ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 40 लाख परिवार, जिनमें ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं, उनको सहायता दी जा रही है.
डायरेक्ट खाते में आए पैसे, महिलाएं खुश
असम की वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में राज्य में गरीब परिवारों और महिलाओं को बचपन से लेकर बुज़ुर्गी तक मदद करने के लिए कई प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं. नियोग ने बताया कि अरुणोदय जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाया है और उन्हें परिवार व समाज में सम्मान दिलाने में मदद की है. लाभार्थियों ने भी पैसे मिलने पर खुशी जताई है.
सोनापुर की शिवानी बोरो डेका ने कहा कि 9,000 रुपये मिलकर वह बहुत खुश हैं और उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया. उनका कहना है कि वह इस पैसे को किसी काम में लगाकर अपने परिवार की मदद करना चाहती है. एक अन्य लाभार्थी राधिका मंडल ने भी सरकार का धन्यवाद किया और कहा कि यह सहायता उन्हें छोटा कारोबार शुरू करने और अपनी रोजगार स्थिति सुधारने में मदद करेगी.














