- दिल्ली‑NCR में बारिश के कारण ठंड में वृद्धि हुई है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं जिससे तापमान गिरा है.
- क्युम्युलोनिम्बस नामक घने और ऊंचे बादल सूरज की रोशनी को रोककर दिन में अंधेरा पैदा करते हैं.
- बारिश के दौरान हवा में नमी और जलवाष्प की बढ़ी मात्रा सूरज की किरणों को फैलाकर रोशनी को कमजोर कर देती है.
दिल्ली‑NCR में आज सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे सर्दी और ज्यादा बढ़ गई है. ठंडे मौसम में हुई इस बारिश ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है. आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम के इस बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. दिन के वक्त भी आसमान में शाम जैसा अंधेरा छाया हुआ है.
बारिश के इस मौसम में कई बार ऐसा होता है कि दोपहर के वक्त ही सड़कों पर स्ट्रीट लाइट जलानी पड़ जाती है. दिन का उजाला अचानक गायब हो जाता है और माहौल रात जैसा लगने लगता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बारिश के दौरान दिन में इतना अंधेरा क्यों छा जाता है?
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बादल ही हैं मुख्य वजह
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह घने बारिश वाले बादल होते हैं, जिन्हें क्युम्युलोनिम्बस कहा जाता है. ये बादल बेहद मोटे और ऊंचे होते हैं और सूरज की रोशनी को लगभग पूरी तरह रोक लेते हैं. जब ये बादल कई परतों में आसमान पर छा जाते हैं, तो रोशनी नीचे तक पहुंच ही नहीं पाती.
हवा में नमी भी एक वजह
इसके अलावा, बारिश के समय हवा में नमी और जलवाष्प की मात्रा बहुत बढ़ जाती है. ये सूक्ष्म जलकण सूरज की किरणों को सोख लेते हैं और चारों ओर बिखेर देते हैं, जिससे रोशनी तेज न होकर धुंधली पड़ जाती है.
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
मौसम विभाग के अनुसार, जब बारिश किसी लो-प्रेशर एरिया या तूफानी सिस्टम से जुड़ी होती है, तब बादल और भी सघन हो जाते हैं. ऐसे हालात में दोपहर के वक्त भी शाम या रात जैसा अंधेरा महसूस होता है.
गौरतलब है कि मानसून की एक और खासियत यह है कि इसके बादल अक्सर उत्तर-दक्षिण दिशा में फैले होते हैं. अगर सूरज की दिशा में ही बादलों का जमाव हो जाए, तो उजाला पूरी तरह कट जाता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अंधेरा असामान्य नहीं है और बारिश के दौरान सामान्य मौसमी प्रक्रिया का हिस्सा है. यानी, बरसात में दिन का रात जैसा हो जाना किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि बादलों और नमी का संयुक्त असर है.














