पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनंत महाराज को राज्य के सर्वोच्च सम्मान बंगा विभूषण से सम्मानित किया है. राजनीतिक के जानकार ममता बनर्जी के इस फैसले को राजनीति से भी प्रेरित बता रहे हैं. कहा जा रहा है कि अनंत महाराज को बंगा विभूषण सम्मान से सम्मानित करने का फैसला आगामी चुनाव में उनके समुदाय से जुड़े मतदाताओं को ध्यान रखकर लिया गया है. चुनाव से ठीक पहले ममता बनर्जी अपने इस दांव से बीजेपी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं. राज्यसभा सांसद अनंत महाराज राजवंशी समुदाय से आते हैं. और इस समुदाय का एक बड़ा जनाधार है.
राजवंशी समुदाय के मतदाताओं को साधने की कोशिश तो नहीं?
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में राजवंशी समुदाय अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करता है. जो उत्तरी बंगाल में केंद्रित है. खासकर कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में और उत्तरी बंगाल में, वे मतदाताओं का 30% हिस्सा हैं, जो कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त हैं. इतना ही नहीं राजवंशी को उत्तर बंगाल में एक महत्वपूर्ण स्विंग समुदाय माना जाता है,जहां न तो टीएमसी और न ही बीजेपी सीटों की संख्या बरकरार रखने के लिए हार का जोखिम उठा सकती है. करीब 15-26 विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव है, जहां उनकी मौजूदगी नतीजों पर असर डाल सकती है.
पहले भी ममता ने बढ़ाया था दोस्ती का हाथ
सूत्रों के अनुसार अनंत महाराज को सम्मान देना इसलिए भी किसी को आश्चर्य में नहीं डाल रहा है क्योंकि ममता बनर्जी पहले भी उनकी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा चुकी थीं. ममता बनर्जी अलग-अलग मौकों पर अनंत महाराज के संपर्क में भी रहीं थी. कई बार तो उनकी तरफ दोस्ती का हाथ भी बढ़ाया था. ऐसा माना जा रहा है कि इन सब के पीछे की वजह राजवंशी समुदाय के मतदाता हैं, जो आगामी विधानसभा में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 11 फरवरी से शुरू होगा बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य: हुमायूं कबीर
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल SIR मामले में ममता बनर्जी की व्यक्तिगत पेश होने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती














