- भारत के विभिन्न राज्यों में मानसून के दौरान बारिश की तीव्रता और प्रकार में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है
- दिल्ली में मॉनसून पांच दिन देरी से पहुंचा और यहां अब तक औसत से लगभग आधी बारिश ही हुई है
- मुंबई में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ, सड़कें धंसीं, पेड़ गिरे और स्कूल कॉलेज बंद किए गए
बारिश, आंधी और उमस... कश्मीर से कन्याकुमारी तक, भारत के अलग-अलग राज्यों में मौसम का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है. केरल, ओडिशा, पूर्वोत्तर के राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस समस झमाझम बारिश हो रही है. लेकिन मध्य भारत के राज्यों दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में मानसून पहुंचने के बावजूद वैसी बारिश नहीं हो रही, जैसा अनुमान लगाया जा रहा था. दिल्ली में बीते कुछ दिनों से आसमान में बादल तो नजर आ रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे. उमस ऐसी है कि घर से बाहर निकलते ही पसीना तपकना शुरू हो जाता है. उधर, मुंबई समेत आसपास के जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने मुंबई के लिए आज भी भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है. वहीं, केरल में भारी बारिश का दौर जारी, 11 जिलों में 'येलो अलर्ट' है. आईएमडी ने कहा कि अगले चार-पांच दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है. ऐसे में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भी बारिश हो सकती है.
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के बाद शनिवार को अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन तक ऐसी ही स्थिति बने रहने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने दिल्ली में कम से कम शुक्रवार तक हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है. आईएमडी के एक अधिकारी ने बताया, 'आने वाले दिनों में दोपहर और शाम के समय बहुत हल्की से हल्की स्तर की बारिश होने की संभावना है, जिसके साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.' पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान में और गिरावट हो सकती है और यह 32-34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. न्यूनतम तापमान 27-29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है.
दिल्ली में क्यों नहीं हो रही मॉनसून की झमाझम बारिश?
दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस बार पांच दिन की देरी से दो जुलाई को दिल्ली पहुंचा है. लेकिन मॉनसून की स्थिति कमजोर रहने की वजह से पिछले कुछ दिनों से दिल्लीवासियों को मॉनसून की तेज बारिश का इंतजार है. भारत मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 01 जून से 03 जुलाई के बीच दिल्ली में औसत से 49% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. सरकारी आकड़ों के मुताबिक, 01 जून से 03 जुलाई के बीच दिल्ली में औसतन 75.1 mm बारिश रिकॉर्ड की जाती है, लेकिन इस साल इन 33 दिनों के दौरान दिल्ली में सिर्फ 38.2 mm बारिश रिकॉर्ड की गई है. भारत मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6-8 जुलाई के दौरान काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है. उम्मीद है कि इससे दिल्ली में मॉनसून की बारिश में कमी की कुछ भरपाई हो सकेगी.
मुंबई में आफत की बारिश
कई राज्यों में शनिवार को भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग(आईएमडी) ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और केरल के लिए ‘रेड अलर्ट' जारी किया और कहा कि अगले चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं. मानसून के राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के दो दिन बाद दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई. मौसम विभाग ने अनुमान व्यक्त किया है कि शुक्रवार तक हल्की वर्षा होगी और तेज हवा चलेगी. महाराष्ट्र में मॉनसून के देर से आने के बाद, मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में खूब बारिश हुई. इससे सड़कें धंसने, पेड़ गिरने और घर ढहने की घटनाएं हुईं. सड़क और रेल यातायात भी बाधित हुआ. लगातार बारिश होने के कारण बीएमसी को दोपहर में स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा करनी पड़ी. बारिश की वजह से शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव हो गया, जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ठप हो गईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. पश्चिमी रेलवे लाइन की पटरियों पर पानी जमा हो गया, जिससे ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं. पालघर में, बाढ़ के पानी में बह जाने से छह साल के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि अधिकारियों ने पानी से भरे इलाकों में फंसे 180 से ज़्यादा लोगों को बचाया.
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केरल में भारी बारिश का दौर जारी, 11 जिलों में 'येलो अलर्ट'
केरल के कई हिस्सों में शनिवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिससे नदियों और बांधों में जलस्तर बढ़ गया, निचले इलाकों में पानी भर गया और संपत्ति को नुकसान पहुंचा. इसके कारण अधिकारियों को पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर एहतियाती कदम उठाने पड़े. पलक्कड जिले में भारी बारिश के कारण दो घरों की चारदीवारी गिर गईं, जबकि कोझिकोड के उत्तरी हिस्सों, खासकर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में जोरदार बारिश हुई.
अधिकारियों ने बताया कि इडुक्की जिले में, डूब क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर एहतियात के तौर पर पाम्बला बांध के शटर खोल दिए गए. पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई, जबकि अधिकारियों को सभी जरूरी सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए. भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के तटीय इलाकों के लिए रविवार रात 11:30 बजे तक ऊंची लहरों और समुद्र के कटाव की चेतावनी भी जारी की.एजेंसी ने कहा कि 2.9 मीटर से 3.5 मीटर ऊंची लहरों के तट से टकराने की आशंका है. उसने मछुआरों तथा तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी.
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