- शिवसेना की संसदीय समिति की बैठक में छह सांसद अनुपस्थित रहे, जिससे पार्टी में टूट के कयास मजबूत हुए.
- सांसद संजय राउत ने अनुपस्थित सांसदों को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने को कहा है.
- लोकसभा अध्यक्ष से इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की जाएगी, जो संविधान के अनुसार होगी.
शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) पार्टी की संसदीय समिति की बैठक में 6 सांसद शामिल नहीं हुए. इसके साथ ही लंबे समय से लगाए जा रहे सांसदों के टूट के कयास सच साबित होते नजर आ रहे हैं. संसद भवन में हुई इस बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद संजय राउत ने कहा, “बालासाहब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष में इन लोगों ने गद्दारी की है, जिससे मुझे बेहद नाराजगी है. अब हम ऑपरेशन तुडुवा हम शुरू करेंगे. यानी ऑपरेशन पीटना."
इन सांसदों की सदस्यता रद्द हो सकती है : संजय राउत
बैठक के तुरंत बाद संजय राउत, अरविंद सावंत और अनिल देसाई मुंबई के लिए रवाना हो गए. मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने बताया कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को 7 दिनों के भीतर जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है. साथ ही, लोकसभा अध्यक्ष से इन सभी सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि स्पीकर संविधान के अनुसार फैसला लेते हैं, तो इन सांसदों की सदस्यता रद्द हो सकती है.
राउत ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसात को लेकर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें ED और CBI की धमकियां न दी जाएं. उन्होंने बयान दिया, “यदि हमारे पास भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आ जाएं, तो ये लोग 5 मिनट में टूट जाएंगे.”
10 करोड़ रुपये अग्रिम दिए गए हैं : राउत का दावा
बागी सांसदों को लेकर राउत ने दावा किया कि उन्हें 10 करोड़ रुपये अग्रिम दिए गए हैं और बाकी रकम बाद में दी जाएगी. इस बीच खबर है कि बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर शिवसेना के शिंदे गुट के समर्थन में अपना रुख साफ कर दिया है. साथ ही उन्होंने मांग की है कि लोकसभा में उन्हें शिंदे गुट के सांसदों के साथ बैठने की व्यवस्था दी जाए.
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