- मुंबई के पायधोनी इलाके में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत फूड पॉइजनिंग के कारण हुई है
- प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की पुष्टि हुई लेकिन जहर के प्रकार का पता चलना बाकी है
- पुलिस और स्वास्थ्य विभाग परिवार द्वारा खरीदे गए तरबूज के स्रोत और प्रभावित अन्य लोगों की जांच कर रहे हैं
मुंबई के पायधोनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि जान फूड पॉइजनिंग के कारण गई. मौत के सटीक कारणों और जहर के प्रकार का पता लगाने के लिए सभी सैंपल मुंबई की कलिना फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है. लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि तरबूज में कोई जहरीला तत्व था या मौत की वजह कुछ और थी.
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि परिवार ने तरबूज कहां से खरीदा था? परिवार ने तरबूज जहां से खरीदा, वहां से कुछ अन्य लोगों ने भी तरबूज खरीदा होगा. पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इलाके में अन्य लोग भी इससे प्रभावित हुए हैं या नहीं. इधर, पुलिस ने मृत लोगों के विसरा लैब में भेजे हैं. इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा है, क्योंकि तरबूज खाने से मौत का मामला काफी चौंकाने वाला है. दरअसल, डॉक्टर्स भी गर्मी से लड़ने के लिए तरबूज खाने की सलाह देते हैं.
रात 1 बजे परिवार के चारों सदस्यों ने खाया था तरबूज
मुंबई के पायधोनी इलाके में हाल ही में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों में 40 वर्षीय पति, 35 वर्षीय पत्नी और उनकी दो बेटियां शामिल हैं. मुंबई पुलिस के अनुसार, घटना 25 अप्रैल की रात की है, जब परिवार के कुल नौ सदस्यों ने रात करीब 10:30 बजे साथ में खाना खाया था. खाना खाने के बाद रिश्तेदार अपने-अपने घर लौट गए. देर रात करीब 1 बजे से 1:30 बजे के बीच मृतक परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया था. इसके बाद 26 अप्रैल की सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच चारों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत हुई. शुरुआत में परिवार के डॉक्टर ने इलाज किया; बाद में हालत गंभीर होने पर उन्हें जेजे अस्पताल रेफर किया गया.
रात को तरबूज खाया, सुबह हुई मौत
इलाज के दौरान सबसे पहले छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई. इसके बाद रात करीब 10:30 बजे पिता अब्दुल्ला दोकाडिया ने दम तोड़ दिया. बाद में पत्नी नसरिन दोकाडिया और बड़ी बेटी आयशा की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है, लेकिन मौत की असली वजह हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत (एडी) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
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गोलगप्पे और चाट खाने से 7 साल के बच्चे की मौत
परिवार के एक सदस्य ने पुलिस को बताया कि परिवार ने पहले बिरयानी खाई थी और बाद में तरबूज खाया था. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फूड पॉइजनिंग किस चीज से हुई. इस बीच झारखंड के गिरिडीह जिले में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां कथित रूप से दूषित गोलगप्पे और चाट खाने से सात साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य लोग बीमार होकर अस्पताल में भर्ती कराए गए. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित भोजन या पानी के सेवन से फूड पॉइजनिंग हो सकती है, जिससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और मतली जैसी समस्याएं होती हैं. प्रशासन ने लोगों से भोजन की स्वच्छता को लेकर सतर्क रहने की अपील की है.
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