उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा रद्द, जांच आयोग की रिपोर्ट के बाद ऐलान

UKSSSC के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा रद्द करने की जानकारी देते हुए बताया कि अब यह परीक्षा तीन महीने के अंदर फिर से आयोजित की जाएगी.

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देहरादून:

उत्तराखंड में पेपर लीक विवाद में घिरी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने रद्द कर दिया है. आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने शनिवार को बताया कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती के लिए 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. अब यह परीक्षा तीन महीने के अंदर फिर से आयोजित होगी. इसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी.

जस्टिस ध्यानी आयोग ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट

इससे पहले, मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज जस्टिस यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में गठित आयोग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी. मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग ने कम समय में अधिक से अधिक जनसुनवाई करके और अभ्यर्थियों व संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर रिपोर्ट पेश की है, जो सराहनीय है.

सीएम ने परीक्षा रद्द होने की जानकारी दी

बाद में, सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर परीक्षा रद्द होने की जानकारी साझा हुए कहा कि छात्रों के हित में 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है. यह निर्णय जांच आयोग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि राज्य में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे.

परीक्षा की नई तारीख का ऐलान जल्द

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परीक्षा फिर से आयोजित कराई जाएगी और इसका अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई असर नहीं होगा. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हर छात्र के लिए निष्पक्ष अवसर और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है. सरकार छात्रों के भविष्य और पैरेंट्स के विश्वास से किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी.

हरिद्वार से लीक हुआ था पेपर

बता दें, इस परीक्षा में विभिन्न सरकारी विभागों में 416 पदों पर भर्ती के लिए एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे. परीक्षा के दौरान आदर्श बाल इंटर कॉलेज बहादुरपुर जट हरिद्वार सेंटर से प्रश्नपत्र के तीन पन्ने कथित तौर पर लीक हो गए थे. इसे लेकर पूरे प्रदेश में हंगामा हुआ था. इस परीक्षा केंद्र के 18 कमरों में से तीन कमरे नंबर 9,17 और  18 में जैमर नहीं लगे थे. आरोप है कि परीक्षा दे रहा मुख्य आरोपी खालिद एग्जाम शुरू होने के आधे घंटे बाद इन्विजिलेटर से अनुमति लेकर निकला था और वॉशरूम में जाकर  मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र के तीन पेज की फोटो खींचकर अपनी बहन साबिया को भेजी थी. 

पेपर लीक करने के आरोपी गिरफ्तार

पेपर मिलने के बाद साबिया ने कथित तौर पर टिहरी की एक सहायक प्रोफेसर सुमन को उन्हें भेजा था. सुमन ने प्रश्नों के स्क्रीनशॉट लेकर उसे एक अन्य व्यक्ति के साथ शेयर, जिसने पुलिस या आयोग को बताने के बजाय इन पन्नों को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जिससे वे वायरल हो गए. बाद में ऋषिकेश की पुलिस अधीक्षक जया बलूनी के नेतृत्व में बनी एसआईटी ने खालिद और साबिया को गिरफ्तार किया. चार लोगों को निलंबित भी किया गया.

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