महिलाओं के सामने अपमान बर्दाश्त नहीं हुआ, गुस्से में कर डाला कत्ल, मालाड लोकल में लेक्चरर की जान लेने वाले आरोपी का चौंकाने वाला दावा

मुंबई की लोकल ट्रेन में लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की हत्या के मामले में आरोपी ओंकार शिंदे ने पुलिस से कहा कि उसे महिलाओं के सामने धक्का देकर डांटा गया, जिससे वह अपमानित महसूस हुआ और गुस्से में आ गया. उसने बैग में रखी चिमटी से 'सबक सिखाने' की सोची, लेकिन वार गहरा हो गया और लेक्चरर की मौत हो गई. पुलिस आरोपी के दावों की जांच कर रही है.

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  • मुंबई की लोकल ट्रेन में NM कॉलेज के लेक्चरर आलोक सिंह की चाकू से हत्या का आरोपी ओंकार शिंदे ने जुर्म कबूला है.
  • लोकल ट्रेन में महिलाओं के सामने अपमानित महसूस करने पर आरोपी का गुस्सा भड़क गया.
  • आरोपी ने बताया कि उसने चिमटी लेकर लेक्चरर को केवल सबक सिखाने की कोशिश की, हत्या का इरादा नहीं था.
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मुंबई की लोकल ट्रेन में एनएम कॉलेज के लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की चाकू से हत्या के मामले में आरोपी ओंकार शिंदे ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला दावा किया है. पूछताछ में उसने कहा कि अपराध का कारण 'गुस्सा और महिलाओं के सामने अपमानित होने की भावना' थी.

ट्रेन में क्या हुआ था?

यह घटना शनिवार को बोरीवली की ओर जा रही लोकल ट्रेन में हुई. फुटबोर्ड के पास दो महिलाएं खड़ी थीं, उनके ठीक पीछे लेक्चरर आलोक कुमार सिंह और उनके साथी प्रोफेसर थे. इन सबके पीछे आरोपी शिंदे खड़ा था.

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पूछताछ में आरोपी ने कहा- वह आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था तभी लेक्चरर आलोक सिंह ने उसे धक्का देकर कहा, 'दिखाई नहीं देता क्या? आगे महिलाएं खड़ी हैं.'

शिंदे के अनुसार, जैसे ही महिलाओं ने पलटकर उसे देखा, उसे लगा कि वह उनके सामने अपमानित हो गया है. इसी बात से उसका गुस्सा भड़क गया.

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आरोपी के गुस्से की समस्या

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिंदे स्वभाव से ही बहुत जल्दी गुस्सा होने वाला व्यक्ति है. उसके पिता ने भी पुलिस को बताया कि बेटे को गुस्से पर काबू रखने में दिक्कत आती है.

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चिमटी से 'सबक सिखाने' की कोशिश बन गई हत्या

शिंदे ने पुलिस को बताया कि गुस्से में उसे याद आया कि उसके बैग में एक चिमटी (ट्वीजर) है, जिसका इस्तेमाल वह नकली ज्वेलरी बनाने में करता है.

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हत्या का इरादा नहीं था

वह सिर्फ लेक्चरर को 'सबक सिखाने' के लिए चुभाकर भागना चाहता था. लेकिन वार गहरा पड़ गया और लेक्चरर की मौत हो गई. आरोपी का यह भी कहना है कि गिरफ्तारी तक उसे पता ही नहीं था कि आलोक सिंह की मौत हो चुकी है.

पुलिस कर रही है बयान की जांच

फिलहाल पुलिस आरोपी के दावों और घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या गुस्से में की गई, लेकिन पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह हमला अचानक हुआ या इसमें पहले से कोई तनाव था.

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