मुख्य चुनाव आयुक्त पर मताधिकार से वंचित करने, चुनावी धोखाधड़ी और दुर्व्यवहार के तीन मुख्य आरोप लगाए गए हैं महाभियोग प्रस्ताव मंजूर होने पर एक कमिटी आरोपों की जांच करेगी और रिपोर्ट सदन को प्रस्तुत करेगी यह भारत का पहला मौका होगा जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा