- नोएडा में हुई हिंसा पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया X हैंडल्स द्वारा मजदूरों को भड़काने की सोची समझी साजिश थी
- पुलिस ने मनीषा चौहान, रूपेश राय और आदित्य आनंद को हिंसा भड़काने के मुख्य आरोपी माना है और जांच जारी है
- रूपेश राय और आदित्य आनंद वर्षों से देशभर में विरोध प्रदर्शन में शामिल होते रहे हैं
उत्तर प्रदेश के नोएडा में बीते दिनों हुई हिंसा के मामले में नोएडा पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है. नोएडा पुलिस के अनुसार इस हिंसा के तार अब पाकिस्तान से जुड़ते दिख रहे हैं. अभी तक की जांच में पता चला है कि जिस समय नोएडा में मजदूर हिंसा कर रहे थे उसी दौरान पाकिस्तान से कुछ सोशल मीडिया एक्स हैंडल्स इसपर खासे एक्टिव थे. पुलिस अब इन हैंडल्स का पता लगाने में लगी है. पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि ये पूरी घटना एक सोची समझी साजिश का हिस्सा थी. घटना के दौरान हिंसा कैसे भड़कानी है, कैसे लोगों को उकसाना है ये पहले से ही तय था.
पाकिस्तान से एक्स हैंडल्स भी घटना के समय सक्रिय मिले हैं
इस मामले में अभी भी पुलिस की जांच जारी है. नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच में हमें जो भी सबूत मिले हैं उसे देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है कि यह घटना एक सोची समझी साजिश का हिस्सा थी. हमारी जांच में पता चला है कि इस पूरी हिंसा के दौरान मजदूरों को पाकिस्तान से कुछ एक्स हैंडल्स द्वारा भी भड़काया जा रहा था. हमारी टीम अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर उन सोशल मीडियो एकाउंट को कौन ऑपरेट कर रहा था. मजदूरों को भड़काने के लिए खास तौर पर डाटा बेस का इस्तेमाल किया गया था.
डाटा बेस का इस्तेमाल कर मजदूरों को भड़काया गया
इनके द्वारा ही 13 अप्रैल को मदरसन के सामने इक्कठा होने के लिए भड़काया गया. 11 अप्रैल को रूपेश पकड़ा गया मनीषा चौहान भी पकड़ी गया, आदित्य फरार है. 13 अप्रैल को जब प्रदर्शन शांत करवाया गया तो दो सोशल मीडिया X अकाउंट के द्वारा गलत सूचना प्रसारण किया गया.प्रदर्शन के दौरान मजदूरों को ये X पोस्ट देखते हुए पाया गया.थाना सेक्टर 20 में उसी दिन FIR दर्ज करवाई गई.जांच में ये अकाउंट दोनो X हैंडल पाकिस्तान से संचालित है.इनके द्वारा VPN का इस्तेमाल किया गया तीन महीने में पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा है.कोई तत्व है जो औद्योगिक क्षेत्रों को डिस्टर्ब करना चाहते है. डाटा बेस का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को भड़काया गया.
अभी तक 62 लोगों को किया गया गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि नोएडा पुलिस ने 13 मुकदमे किए गए है जिसमे सोशल मीडिया के एकाउंट शामिल हैं. अबतक 62 गिरफ्तारी हुई है आगजनी करने वाले 9 लोग शामिल, पुलिस पर हमला करने वाली भीड़ के हिस्सा थे, ज्यादातर नॉन लेबर है. कुछ लोग बाहर से आए है जो इस हिंसा में शामिल थे. हम इस घटना को लेकर NSA के तहत कार्रवाई करेंगे.
'सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित किए गए..'
कुछ दिन पहले भी पुलिस कमिश्नर ने इस हिंसा के पीछे सोशल मीडिया के इस्तेमाल की बात कही थी. कमिश्नर ने यह भी बताया था कि इन समूहों के माध्यम से मुख्य रूप से लेबर (श्रमिक वर्ग) को निशाना बनाया गया और उन्हें उकसाने का काम किया गया. सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश प्रसारित किए गए जिनमें लोगों से सड़कों पर उतरने, पत्थरबाजी करने और आगजनी करने का आह्वान किया गया था. जांच में यह भी पाया गया कि लोगों को पेट्रोल बम बनाने और पुलिस व सार्वजनिक संपत्ति पर हमला करने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. हिंसा के लिए उकसाने वाले और भ्रामक खबरें फैलाने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है. उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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