वर्षों का सपना अब पूरा होने जा रहा : राम मंदिर के निर्माण पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

भागवत ने कहा कि दुनिया की ज्यादातर संस्कृतियां समय के साथ मिट गईं लेकिन हिंदू संस्कृति हर प्रकार के उतार-चढ़ाव का सामना करके भी अपना अस्तित्व बनाये रखने में सफल रही है.

विज्ञापन
Read Time: 10 mins
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत
जींद (हरियाणा):

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का उल्लेख करते हुए रविवार को यहां कहा कि वर्षों का सपना अब पूरा होने जा रहा है. भागवत ने यहां तीन दिवसीय प्रवास के समापन पर अपने संबोधन में कहा,‘‘ अयोध्या में गुलामी का प्रतीक ढहाया गया लेकिन वहां किसी भी अन्य मस्जिद को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. कार सेवकों ने कहीं दंगा नहीं किया.''

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जा रहा है. आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘मंदिर बनने का आनंद है. लेकिन अभी और बहुत काम करना है और यह भी ध्यान रखना है कि जिस तपस्या के चलते यह सपना पूरा हो रहा है वह आगे भी जारी रहे, ताकि गंतव्य की प्राप्ति हो.''

भागवत ने समाज को संगठित करने के लिए अधिक तेजी से कार्य करने पर बल देते हुए कहा कि जब संपूर्ण राष्ट्र एकजुट होकर मजबूती के साथ खड़ा होगा तो वह दुनिया का सारा अमंगल हरण कर फिर ‘विश्व गुरू' बन जाएगा.

भागवत ने कहा कि दुनिया की ज्यादातर संस्कृतियां समय के साथ मिट गईं लेकिन हिंदू संस्कृति हर प्रकार के उतार-चढ़ाव का सामना करके भी अपना अस्तित्व बनाये रखने में सफल रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘इतनी सारी भाषाएं, देवी- देवता, विविध पंथ होने के बावजूद भी उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक भारत का हर व्यक्ति यह मानता है कि हमें इस तरह से जीना है कि उसे देख कर दुनिया जीना सीखे.''

ये भी पढ़ें- राहुल गांधी के साथ यात्रा में शामिल हुए दानिश अली, बोले- यह यात्रा न्याय और देश को जोड़ने के लिए

ये भी पढ़ें- परिवार, जाति और पंथ से ऊपर उठकर केवल देश के बारे में सोचते हैं हमारे सैनिक : रक्षा मंत्री राजनाथ

Advertisement
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Iran Israel War: ईरान का अमेरिका पर पलटवार! | Mic On Hai | Top News
Topics mentioned in this article