- बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा सीटों पर पुनर्मतदान चल रहा है.
- फाल्टा और हसीमनगर में स्थानीय लोगों ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर धमकाने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं.
- फाल्टा क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स की भारी तैनाती की गई है.
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक ओर मगराहाट पश्चिम (AC‑142) और डायमंड हार्बर (AC‑143) विधानसभा सीटों पर पुनर्मतदान (री‑पोलिंग) चल रहा है, वहीं दूसरी ओर फाल्टा इलाके में हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आ रही हैं.
फाल्टा में रीपोलिंग की उठी मांग
फाल्टा और उससे सटे हसीमनगर क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े लोग उन्हें धमका रहे हैं और डर का माहौल बनाया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े स्थानीय नेताओं और उनके समर्थक उन्हें धमका रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं और दबाव बना रहे हैं.
इलाके में भारी फोर्स तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में CRPF और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) की भारी तैनाती की गई है. फाल्टा क्षेत्र में CRPF का एक बख्तरबंद वाहन (Armoured Vehicle) भी तैनात किया गया है. सुरक्षा बल लगातार इलाके में फ्लैग मार्च और गश्त कर रहे हैं.
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स्थानीय लोगों को धमका रहे TMC नेता
हसीमनगर के निवासियों का आरोप है कि स्थानीय पंचायत नेता से जुड़े लोग, जो कथित तौर पर जहांगीर के करीबी बताए जा रहे हैं, घरों में जाकर धमकी दे रहे हैं, विरोध करने वालों के साथ मारपीट और बदसलूकी की जा रही है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सब मतगणना (4 मई) से पहले डर का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है.
रीपोलिंग और गिरफ्तारी की उठी मांग
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पूरे इलाके में पुनर्मतदान (Re-polling) की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मौजूदा हालात में निष्पक्ष तरीके से चुनावी प्रक्रिया पूरी होना संभव नहीं है.
मतगणना से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रशासन ने संवेदनशील हालात को देखते हुए मतगणना से पहले ही केंद्रीय बलों की संख्या बढ़ा दी है. फाल्टा इलाके में CRPF और RAF की तैनाती लगातार जारी है. सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं.
इलाके में राजनीतिक पारा हाई
हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से अभी तक आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. इस घटनाक्रम के बाद दक्षिण 24 परगना में राजनीतिक तापमान और तेज हो गया है. मतगणना से ठीक पहले उभरा यह तनाव चुनाव बाद की संभावित हिंसा को लेकर भी चिंता बढ़ा रहा है.













