सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को बंगाल और सिक्किम के लिए नया परिसीमन आयोग गठित करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से SC/ST के रूप में नामित समुदायों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए परिसीमन आयोग गठित करने को कहा

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सुप्रीम कोर्ट.
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  • CJI की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने दिया निर्देश
  • 2026 की जनगणना तक आयोग गठित नहीं करने का तर्क अस्वीकार
  • सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में आनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग
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नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल और सिक्किम की विधानसभाओं में अनुसूचित जनजातियों के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग पर  CJI की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार को SC/ST के रूप में नामित समुदायों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एक नया परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) गठित करने का निर्देश दिया है. 

इस मामले पर बुधवार को कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार को SC/ST के रूप में नामित समुदायों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए परिसीमन आयोग के पुनर्गठन पर विचार करना चाहिए.

कोर्ट ने केंद्र सरकार के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया जिसमें केंद्र सरकार ने कहा था कि 2026 की जनगणना होने तक परिसीमन आयोग का गठन नहीं किया जा सकता है. मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा था कि हम संसद को कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकते. 

कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 327 के तहत संसद को निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन सहित चुनावों के संबंध में प्रावधान करने का अधिकार देता है. वहीं अनुच्छेद 325 में चुनाव आयोग के पास चुनावों के नियंत्रण और निरीक्षण के संबंध में व्यापक शक्ति मिली हुई हैं. 

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दरअसल पश्चिम बंगाल और सिक्किम की विधान सभाओं में अनुसूचित जनजातियों के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल को गई थी.

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