समाज में जाति, लैंगिक आधार पर भेदभाव को समाप्त करने के लिए विशेष प्रयास हो : मोहन भागवत

भागवत ने कहा कि ‘सज्जन शक्ति’ को संगठित किया जाना चाहिए और सद्भाव, पारिवारिक शिक्षा, रीति-रिवाजों का पालन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी मूल्यों की जागृति और नागरिक कर्तव्य में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रयास किये जाने चाहिए.

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भागवत सोमवार की सुबह गुजरात से रवाना होने से पहले रातभर अहमदाबाद में रुकेंगे.
वडोदरा:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने समाज में जाति और लैंगिक आधार पर भेदभाव को खत्म करने के लिए विशेष प्रयास किये जाने का रविवार को आह्वान किया. आरएसएस प्रमुख गुजरात के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन यहां बुद्धिजीवियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे. वह दक्षिण गुजरात के भरूच में शनिवार को एक ऐसे ही कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

बैठक को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि ‘सज्जन शक्ति' को संगठित किया जाना चाहिए और सद्भाव, पारिवारिक शिक्षा, रीति-रिवाजों का पालन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी मूल्यों की जागृति और नागरिक कर्तव्य में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रयास किये जाने चाहिए.

भागवत ने कहा, ‘‘समाज में जाति और लैंगिक आधार पर भेदभाव को खत्म करने के लिए विशेष प्रयास किये जाने चाहिए.''

इसके अनुसार बैठक के दौरान, स्वास्थ्य, पर्यावरण, कला, साहित्य और सामाजिक परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों ने अपनी परियोजनाओं के बारे में अपने विचार व्यक्त किए. भागवत सोमवार की सुबह गुजरात से रवाना होने से पहले रातभर अहमदाबाद में रुकेंगे.

गुजरात की 26 लोकसभा सीट पर एक ही चरण में सात मई को मतदान होगा.साल 2022 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा को 52.50 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस और आप को संयुक्त रूप से 40.2 फीसदी मत हासिल हुए थे.

गुजरात की कुल 182 विधानसभा सीट में से भाजपा को 156 सीट मिली थीं जबकि कांग्रेस ने 17 और आप ने पांच सीट पर जीत दर्ज की थी.

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