- सिंगर जुबीन की मौत सिंगापुर के लाजरस आइलैंड के पास समुद्र में डूबने से हुई थी
- परिवार ने सोशल मीडिया पर यॉट से जुड़े वीडियो आने के बाद संदेह जताया
- जांच दल ने 2,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें हत्या से जुड़ी धाराओं का जिक्र
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में नया मोड़ आया है. उनकी पत्नी गरिमा सैकिया ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए केंद्र सरकार और असम सरकार से सिंगापुर में चल रही कार्यवाही पर करीबी निगरानी रखने की अपील की है. उनका यह बयान उस समय आया है जब सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट को हाल ही में बताया गया कि जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को लाजरस आइलैंड के पास समुद्र में डूबने से हुई थी. सिंगापुर पुलिस कोस्ट गार्ड के अधिकारी एएसपी डेविड लिम ने कोर्ट को बताया कि गर्ग ने कथित तौर पर शराब का सेवन किया था और लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था.
परिवार का रुख और जांच की दिशा
गरिमा सैकिया ने कहा कि परिवार की ओर से सच्चाई की तलाश पूरी तरह कानूनी और लगातार रही है. उन्होंने बताया कि घटना के कुछ दिन बाद यॉट से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद ही संदेह गहराया था. इसके बाद असम में एफआईआर दर्ज की गई और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन हुआ. फिर SIT ने 2,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें हत्या से जुड़े धाराओं का जिक्र था.
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परिवार ने यह भी साफ किया कि सिंगापुर अधिकारियों ने घटना के बाद स्वतः कार्यवाही शुरू की थी और भारतीय उच्चायोग ने कानूनी और पोस्टमार्टम प्रक्रियाओं में समन्वय किया. सिंगापुर पुलिस के साथ सभी संवाद औपचारिक रूप से हुए और जांच अवधि के दौरान सार्वजनिक नहीं किए गए.
कोर्ट में उठे सवाल
परिवार ने कोरोनर कोर्ट में कई अहम सवाल दर्ज कराए हैं
- यॉट पर सुरक्षा इंतजाम कितने थे?
- गर्ग की शारीरिक स्थिति कैसी थी?
- समुद्र में उतरने से पहले घटनाक्रम क्या था?
- जब गर्ग ने परेशानी के संकेत दिए तो प्रतिक्रिया कैसी रही?
- मेडिकल सहायता कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी दी गई?
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सरकार से अपील
सिंगर जुबीन गर्ग के परिवार ने भारत सरकार और असम सरकार से अपील की है कि वे सिंगापुर की कार्यवाही पर करीबी नजर रखें और सुनिश्चित करें कि सभी प्रासंगिक तथ्य कोर्ट के सामने आएं. गरिमा सैकिया ने कहा कि न्याय की तलाश में परिवार ने हर कानूनी रास्ता अपनाया है और उनकी ये कोशिश यूं ही जारी रहेगी.














