- शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली.
- सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया की अंतरिम जमानत याचिका पर दो सप्ताह बाद सुनवाई करने का निर्णय लिया है.
- मजीठिया ने जेल में जान को खतरे का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की है.
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा. मजीठिया की ओर से पेश वकील ने अंतरिम जमानत की मांग की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर इस पर विचार किया जाएगा. इस मामले में पंजाब सरकार ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का वक्त मांगा है.
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने जेल में जान को खतरे का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत की मांग की है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मजीठिया के वकील से सवाल किया कि वह कब से जेल में हैं और उनकी जान पर कितनी बार हमला हुआ. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या उन्हें किसी दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है.
मजीठिया की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए: पंजाब सरकार
मजीठिया की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट गौरव अग्रवाल ने दलील दी कि पंजाब सरकार के अधिकारियों ने खुद खतरे की आशंका जताई है. वहीं, पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि मजीठिया की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं और इस संबंध में हाई कोर्ट के सामने आश्वासन दिया जा चुका है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजीठिया को चंडीगढ़ जेल शिफ्ट करने की मांग की जा रही है और पूछा कि इसमें दिक्कत क्या है? इस पर मजीठिया के वकील ने साफ किया कि वह जेल ट्रांसफर नहीं बल्कि अंतरिम जमानत चाहते हैं.
सुप्रीम कोर्ट में अब 2 फरवरी को मजीठिया मामले की सुनवाई
राज्य सरकार द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को तय की है.
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसमें उन पर 540 करोड़ रुपये से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति जुटाने का आरोप है.














