गाड़ी में क्यों पड़ा रहा साध्वी प्रेम बाईसा का शव, किसके कहने पर पिता ने की थी मौत के बाद पोस्ट, खुद किया खुलासा

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले में उनके पिता वीरमनाथ द्वारा मौत के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट डलवाए जाने और शव को गाड़ी में रखने, सीसीटीवी हटाने व लगातार बदलते बयानों से भक्तों में संदेह बढ़ा है. कंपाउंडर द्वारा लगाया गया इंजेक्शन भी जांच के घेरे में है. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी.

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  • जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पिता ने इंस्टा पोस्ट डालने की बात स्वीकारी है.
  • साध्वी की मौत के बाद शव को अस्पताल से आश्रम लाकर बिना उचित व्यवस्था के रखा गया और पोस्टमार्टम में बाधा आई.
  • साध्वी को इंजेक्शन लगाने के 5 मिनट बाद मौत हुई, पुलिस ने कंपाउंडर से पूछताछ की है. जांच जारी है.
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राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की 29 जनवरी को हुई संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. अब साध्वी के पिता और गुरु वीरमनाथ के बयान, इंस्टाग्राम पोस्ट, और भक्तों के आरोपों ने इस केस में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

इंस्टाग्राम पोस्ट पर विवाद- पिता ने माना, “पोस्ट मैंने डलवाया”

एनडीटीवी से बातचीत में साध्वी के पिता वीरमनाथ ने स्वीकार किया कि इंस्टाग्राम पर किया गया कथित 'अंतिम पोस्ट' उनके ही कहने पर डाला गया, और भक्तों के आग्रह पर साझा किया गया था. यह वही पोस्ट है जो साध्वी की मौत के लगभग चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पर प्रकाशित हुआ और एक अंतिम संदेश या सुसाइड नोट जैसा प्रतीत हो रहा था. यही बात भक्तों और पुलिस, दोनों के संदेह का बड़ा कारण बनी है.

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भक्तों के आरोप- 'पिता की हरकतें संदिग्ध, जांच पुख्ता हो'

साध्वी की श्रद्धालु मंडली में शामिल भक्तों का आरोप है कि साध्वी का शव निजी अस्पताल से आश्रम लाकर गाड़ी में ही रखा गया, जबकि सामान्यतः अंतिम संस्कार से पहले बर्फ और अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं. पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाना चाहती थी, तो पिता और समर्थकों ने विरोध किया. आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरे उखाड़ दिए गए. सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद पिता ने दावा किया कि उनका मोबाइल कोई ले गया, जिससे भक्तों का शक और गहरा गया.

भक्तों का कहना है कि घटना के बाद पिता के बदलते बयानों ने अनेक प्रश्न खड़े कर दिए हैं और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है.

मौत कैसे हुई? 

जानकारी के मुताबिक साध्वी प्रेम बाईसा को कुछ दिनों से सर्दी, खांसी और बुखार था. पिता के अनुसार, आश्रम में एक कंपाउंडर को इंजेक्शन लगाने बुलाया गया था. इंजेक्शन लगाने के 5 मिनट के भीतर साध्वी की मौत हो गई. पुलिस ने कंपाउंडर को हिरासत में लेकर इंजेक्शन का खोल, उपयोग की गई दवाइयां, अन्य मेडिकल सामग्री कब्जे में ले ली हैं और उससे पूछताछ के बाद फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है.

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पोस्टमार्टम कराने में भी पुलिस को संघर्ष

पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहती थी, तो आश्रम समर्थकों ने विरोध किया. काफी मशक्कत के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका. अब पुलिस की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जिसके आने के बाद ही अगली कार्रवाई तय होगी.

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जांच का नया केंद्र: इंस्टाग्राम पोस्ट

साध्वी का इंस्टाग्राम पोस्ट, जिसमें सनातन धर्म, अग्नि परीक्षा और अंतिम सांस तक न्याय की बात लिखी गई थी, स्वयं में एक रहस्य बन गया है क्योंकि यह उनकी मौत के चार घंटे बाद पोस्ट हुआ. पिता ने माना कि यह पोस्ट उन्होंने डलवाया. ऐसे में भक्तों का सवाल है कि क्या साध्वी ने सच में यह संदेश पहले लिखा था? पुलिस अब पोस्ट के समय, डिवाइस और वास्तविक लेखक की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर रही है.

पुलिस जांच जारी

पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देश पर जांच टीम कंपाउंडर की भूमिका, इंजेक्शन की प्रकृति, पिता के बयान, आश्रम के सीसीटीवी, इंस्टाग्राम पोस्ट की टाइमिंग जैसे सभी पहलुओं को खंगाल रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक कई सवाल अभी भी बने हुए हैं.

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