अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से शुरू होगा पंजीकरण, साथ में आधार कार्ड रखना होगा जरूरी

इस बार पंजीकरण आधार से होगा. हर यात्री को बायोमेट्रिक ई-केवाईसी के बाद परमिट मिलेगा. यह प्रक्रिया एनआईसी पोर्टल पर होगी. अगर तकनीकी समस्या आई, तो मैनुअल तरीका  भी अपनाया जाएगा. यात्रा के इच्छुक लोग  बैंक में फोटो और डेटा लेकर पंजीकरण कर सकेंगे.

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अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण शुरू
NDTV
नई दिल्ली:

बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होगा. पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 मई हैं .श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इसकी घोषणा की है. यह पंजीकरण देश भर के तय बैंक शाखाओं में होगा. यात्रा परमिट “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर मिलेगा. अमरनाथ यात्रा की तारीख जल्द बताई जाएगी. देश के कुल 554 बैंक शाखाओं में पंजीकरण होगा. हर बैंक शाखा को रोज एक तय संख्या दी गई है.हर रास्ते के लिए अलग कोटा होगा. 13 साल से कम उम्र के बच्चों का पंजीकरण नहीं होगा. 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का भी पंजीकरण नहीं होगा.6 हफ्ते से ज्यादा गर्भवती महिलाओं का भी पंजीकरण नहीं होगा.

इस बार पंजीकरण आधार से होगा. हर यात्री को बायोमेट्रिक ई-केवाईसी के बाद परमिट मिलेगा. यह प्रक्रिया एनआईसी पोर्टल पर होगी. अगर तकनीकी समस्या आई, तो मैनुअल तरीका  भी अपनाया जाएगा. यात्रा के इच्छुक लोग  बैंक में फोटो और डेटा लेकर पंजीकरण कर सकेंगे. पंजीकरण के लिए आधार कार्ड जरूरी है. हर के लिये  हेल्थ सर्टिफिकेट भी जरूरी होगा.सरकार की कोशिश रहेगी इस बार यात्रियों को  बेहतर सुविधाएं मिल पाए . यात्रा को आरामदायक बनाने पर जोर है. साथ में  सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.

अमरनाथ यात्रा एक पवित्र तीर्थयात्रा है. यह अमरनाथ गुफा तक जाती है. गुफा तक जाने का एक रास्ता पहलगाम से और दूसरा रास्ता बालटाल से होकर हैं . यह गुफा जम्मू-कश्मीर में है. हर साल हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं. 2026 में यात्रा के लिए पहले  यह पंजीकरण जरूरी है. पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से होगा. यह अधिकृत बैंक और बोर्ड की वेबसाइट से किया जा सकता है.

हर दिन करीब 15,000 यात्रियों को ही अनुमति मिलेगी. इसलिए पहले से पंजीकरण करना जरूरी है. अंतिम समय की भीड़ से बचना चाहिए. शुरुआत में भी  इसमें ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है. इससे यात्रा की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रियो से यह भी अपील की है कि वो मौसम, ऊंचाई और स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियों का खास ध्यान रखते हुए ही पंजीकरण करवाए . वैसे भी कश्मीर में जुलाई अगस्त में भारी बारिश और ठंड की संभावना बनी रहती है . इसलिए बाबा के दर्शन करने आए तो पूरी तैयारी के साथ आए .

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