शरीर में छिपा कर लाई थी 127 किलो सोना, एक्ट्रेस रान्या राव की गोल्ड स्मगलिंग केस में ED की चार्जशीट से खुलासा

मामले का खुलासा 3 मार्च 2025 को हुआ, जब DRI ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रान्या राव को पकड़ा. उनके पास से 14.213 किलो सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 12.5 करोड़ रुपये थी और इसे उनके शरीर में छुपाकर लाया जा रहा था.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • रान्या राव और तरुण राजू ने अफ्रीका से सोना सीधे मंगाने की योजना बनाकर दुबई में कंपनी भी स्थापित की थी.
  • युगांडा, केन्या और तंजानिया के सप्लायर्स से संपर्क कर सोने की ट्रायल डील के लिए पैसा भेजा गया था.
  • अफ्रीका से सोना नहीं मिलने पर दुबई के लोकल मार्केट से नकद लेकर सोना खरीदकर भारत स्मगल किया गया था.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

Ranya Rao Gold Smuggling Case: कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव से जुड़ा गोल्ड स्मगलिंग मामला अब और भी बड़ा और चौंकाने वाला होता जा रहा है. जांच में जो खुलासे हुए हैं, उससे साफ है कि ये कोई छोटा-मोटा काम नहीं बल्कि एक पूरी तरह संगठित इंटरनेशनल नेटवर्क था, जिसकी शुरुआत अफ्रीका से हुई और फिर दुबई के रास्ते भारत तक फैल गया. जांच एजेंसी ED की चार्जशीट के मुताबिक, रान्या राव और उनके सहयोगी तरुण राजू ने सबसे पहले अफ्रीका से सीधे सोना मंगाने की योजना बनाई थी. उन्हें बताया गया था कि दुबई के गोल्ड मार्केट में ज्यादातर सोना अफ्रीकी खदानों से आता है, इसलिए उन्होंने सोचा कि अगर सीधे वहीं से खरीद लिया जाए तो ज्यादा मुनाफा होगा. इसी प्लान के तहत उन्होंने दुबई में वीरा डायमंड्स ट्रेडिंग LLC नाम की कंपनी भी बनाई.

युगांडा, केन्या, तंजानिया के संप्लायर्स से भी साधे संपर्क

इसके बाद दोनों ने युगांडा, केन्या और तंजानिया के सप्लायर्स से संपर्क करना शुरू किया. युगांडा के एक एजेंट बेन से उनकी डील फाइनल हुई. शुरुआत में 5 किलो सोने की ट्रायल डील तय हुई, जिसके बाद 50 किलो का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट होना था. इस डील के लिए उन्होंने पहले करीब 25,000 डॉलर एडवांस दिए, फिर टैक्स और फीस के नाम पर दो बार करीब 10-10 हजार डॉलर और भेजे.

शुरुआत में हुआ था 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान

लेकिन असली झटका तब लगा जब उन्हें सोना नहीं मिला. इसके बाद तरुण राजू 1 जनवरी 2024 को युगांडा की राजधानी कंपाला पहुंचा. वहां उसे एक रिफाइनरी में सोना दिखाया गया, जिससे उसे भरोसा हो जाए. लेकिन फिर एजेंट ने सोना रिलीज कराने के नाम पर करीब 1.7 करोड़ रुपये और मांगे. रान्या उस समय दुबई से कैश अरेंज कर रही थीं. आखिर में जब पूरी सच्चाई सामने आई तो पता चला कि यह एक बड़ा स्कैम था और दोनों को 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ.

अफ्रीका से धोखा मिलने के बाद दुबई से शुरू की स्मगलिंग

इतना ही नहीं, उन्होंने केन्या में भी इसी तरह का प्रयास किया, लेकिन वहां भी काम नहीं बन पाया. इसके बाद दोनों ने अपनी रणनीति पूरी तरह बदल दी. अब उन्होंने सीधे अफ्रीका से सोना मंगाने का प्लान छोड़ दिया और दुबई के लोकल मार्केट में मौजूद अफ्रीकी डीलरों से सोना खरीदना शुरू कर दिया.

Advertisement

दुबई के देइरा गोल्ड सूक में सक्रिय ये डीलर कैश में ही डील करते थे और बैंक ट्रांजैक्शन से बचते थे. रान्या राव वहां बड़ी मात्रा में नकद AED लेकर जाती थीं और सोना खरीदती थीं, ताकि कोई डिजिटल ट्रेल न रहे और जांच एजेंसियों से बचा जा सके.

गोल्ड स्मगलिंग के गेम में तरुण का ये था काम

इसके बाद शुरू हुआ असली स्मगलिंग ऑपरेशन. ED के मुताबिक, तरुण राजू फर्जी कस्टम डिक्लेरेशन करता था, जिसमें दिखाया जाता था कि सोना दुबई से किसी तीसरे देश जैसे स्विट्जरलैंड या थाईलैंड भेजा जा रहा है. इसके लिए वो उन देशों की फ्लाइट टिकट भी बुक करता था, ताकि सब कुछ असली लगे. लेकिन असल में सोना कहीं नहीं भेजा जाता था.

Advertisement

दुबई एयरपोर्ट पर ही वो सोना रान्या राव को सौंप दिया जाता था, जो उसे अपने शरीर में छुपाकर भारत लेकर आती थीं. इस पूरे खेल में बेहद चालाकी से कागजी कार्रवाई पूरी की जाती थी, ताकि किसी को शक न हो.

मार्च 2024 से मार्च 2025 तक 102 करोड़ रुपए का सोना भारत लाई रान्या

जांच में ये भी सामने आया है कि मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच रान्या राव ने करीब 15 बार दुबई से भारत यात्रा की और इस दौरान कुल 127.87 किलो सोना स्मगल किया गया, जिसकी कीमत करीब 102 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस सोने को भारत में एक नेटवर्क के जरिए ज्वेलर्स और हैंडलर्स को बेच दिया जाता था.

मामले का खुलासा 3 मार्च 2025 को हुआ, जब DRI ने बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रान्या राव को पकड़ा. उनके पास से 14.213 किलो सोना बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 12.5 करोड़ रुपये थी और इसे उनके शरीर में छुपाकर लाया जा रहा था.

IPS पिता के रसूख का भी उठाया फायदा

इसके बाद CBI ने FIR दर्ज की और ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस शुरू किया. ED ने अब तक रान्या राव की 34 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति भी अटैच कर दी है. इस केस में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि रान्या राव ने एयरपोर्ट पर जांच से बचने के लिए अपने पारिवारिक रसूख का इस्तेमाल किया. वो एक सीनियर पुलिस अधिकारी की सौतेली बेटी हैं और इसी वजह से उन्हें वीआईपी प्रोटोकॉल का फायदा मिला.

सिंडिकेट में और कौन-कौन, अब ईडी कर रही जांच 

आरोप है कि एक हेड कांस्टेबल कई बार उन्हें एयरपोर्ट पर एस्कॉर्ट करता था, जिससे वो आसानी से कस्टम चेक से बच जाती थीं. फिलहाल ED इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल थे, क्या इसमें कुछ सरकारी अधिकारी भी शामिल थे, और आखिर इतने बड़े स्तर पर स्मगलिंग कैसे लंबे समय तक चलती रही.

Advertisement

यह मामला न सिर्फ गोल्ड स्मगलिंग का है, बल्कि इसमें इंटरनेशनल फ्रॉड, हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग और सिस्टम के दुरुपयोग जैसे कई गंभीर पहलू भी जुड़े हुए हैं, जिससे यह केस और भी बड़ा और संवेदनशील बन गया है.

यह भी पढ़ें - Ranya Rao Case: कपड़े, बेल्ट, यूट्यूब वाला आइडिया... कन्नड़ फिल्मों की 'मोना' कैसे लाती थी सोना, जानें

Featured Video Of The Day
MAGA Supporters Fell In Love With Blonde US Army Soldier लेकिन Jessica Foster की असली सच्चाई क्या है