हैदराबाद, सिकंदराबाद में साई सूर्या डेवेलपर्स के ठिकानों पर छापेमारी, 100 करोड़ के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने फर्जी योजनाओं के ज़रिए लोगों को अवैध प्लॉट बेचने, एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचने, बिना उचित एग्रीमेंट के पेमेंट लेने और प्लॉट रजिस्ट्रेशन का झूठा वादा कर निवेशकों को चूना लगाया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA के तहत हैदराबाद और सिकंदराबाद में 4 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई साई सूर्या डेवेलपर्स और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में की गई. ईडी ने यह जांच तेलंगाना पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की, जो नरेंद्र सुराना (निदेशक,  भाग्यनगर प्रॉपर्टीज लिमिटेड), के. सतीश चंद्र गुप्ता (प्रोपराइटर,  साई सूर्या डेवेलपर्स) और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थी. इन पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है.

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने फर्जी योजनाओं के ज़रिए लोगों को अवैध प्लॉट बेचने, एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचने, बिना उचित एग्रीमेंट के पेमेंट लेने और प्लॉट रजिस्ट्रेशन का झूठा वादा कर निवेशकों को चूना लगाया. इस तरीके से उन्होंने भारी मात्रा में अवैध कमाई की, जिसे उन्होंने खुद और अपने संबंधित संस्थानों को लाभ पहुंचाने के लिए मनी लॉन्डरिंग के ज़रिए इधर-उधर किया.

छापेमारी के दौरान ईडी को कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ मिले हैं, जिनमें निवेशकों से ठगी कर जुटाए गए पैसे और लगभग 100 करोड़ रुपये की बेहिसाब लेनदेन का पता चला है. 
 

Featured Video Of The Day
Varanasi Ganga Iftar Controversy: आस्था वाली जगह 'नॉनवेज' पार्टी क्यों? जानबूझकर भड़काने की कोशिश?