केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन दिनों अंडमान निकोबार के दौरे पर हैं. शनिवार को उन्होंने विजय पुरम में अंडमान एवं निकोबार सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस खास मौके पर उन्होंने कहा कि इसी भूमि पर अंग्रेज़ों द्वारा बनाई गई सेलुलर जेल में आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले कई बलिदानी स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने जीवन का लंबा समय काटा.उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यहां दम तोड़कर भारत के स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूती दी और कई वीर यहां फांसी के तख्ते पर लटका दिए गए.उन्होंने कहा कि आज सेलुलर जेल में बना वीर सावरकर का स्मारक और प्रज्वलित मशाल पूरी दुनिया को बता रही है कि यहां कई महान आत्माओं ने अपना बलिदान दिया था.
अमित शाह ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सबसे पहले आज़ाद भारत की इसी भूमि पर तिरंगा फहराया था और उन्ही की स्मृति और उनके उदगारों के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने दो द्वीपों के नाम शहीद और स्वराज रखने का काम किया.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस द्वीप समूह पर हर द्वीप को स्वतंत्रता संग्राम के शूरवीरों का नाम देने का काम किया है.उन्होंने कहा कि यह भूमि आज़ाद भारत के हर नागरिक के लिए एक तीर्थभूमि है क्योंकि यहां हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पीड़ा को शक्ति, एकांत को संकल्प और यातना को स्वाधीनता तक सहन कर स्वतंत्रता प्राप्त की थी.
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस द्वीप समूह को सामरिक शक्ति के रूप में परिवर्तित किया है.उन्होंने कहा कि पिछली सरकार अंडमान-निकोबार को देश के खजाने पर बोझ मानती थी, मोदी सरकार में यह देश के खजाने में योगदान देगा.उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में आया यह बदलाव देश के कण कण को भारत माता मानकर उसे समर्पित रहने के संकल्प का परिणाम है.उन्होंने कहा कि इसके तहत आज यहां नौ बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और 2 परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है और एक ही दिन में 373 करोड़ रूपए के विकास के उपहार इस द्वीप समूह को मिले हैं.
शाह ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं में 229 करोड़ की लागत वाला एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केन्द्र शामिल है.उन्होंने कहा कि 33 करोड़ की लागत से ज़िला अस्पताल चरण-1 का लोकार्पण, फॉरेंसिक साइंस लैब का लोकार्पण और 50 करोड़ रूपए की लागत से 6 अन्य योजनाओं का लोकार्पण हुआ है.गृह मंत्री ने कहा कि आज इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से हमारे द्वीप समूहों के विकास के एक नए अध्याय की शुरूआत हो रही है.
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशभर में गुलामी की निशानियों से मुक्ति पाने का अभियान शुरू किया है और इसीलिए नेताजी के नाम पर पोर्ट ब्लेयर का नामकरण विजय पुरम और हमारे वीर सेनानियों के नाम पर द्वीपों का नाम रखा गया है.उन्होंने कहा कि आज अंडमान निकोबार द्वीप समूह एक प्रकार से हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता, समुद्री शक्ति और आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बन रहा है.उन्होंने कहा कि अंडमान निकोबार में एक ओर जहां ब्लू इकोनॉमी और पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं, वहीं आज़ादी के आंदोलन की एक अमूर्त प्रतिकृति के रूप में हर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति भी यहां देखी जा सकती है.
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