मनाली में बाढ़ ने मचाई तबाही, बह गया मशहूर शेर-ए-पंजाब रेस्तरां, सिर्फ गेट की दीवार ही बची

हिमाचल में मानसूनी बारिश भारी तबाही मचा रही है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, 20 जून से बाढ़, भूस्खलन और बारिश संबंधी घटनाओं में 310 लोगों की मौत हो चुकी है. कुल अनुमानित 2.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान हुआ है.

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  • हिमाचल में मानसून की तेज बारिश से ब्यास नदी उफान पर है. कई इलाकों में बाढ़ कहर बरपा रही है.
  • मनाली के प्रसिद्ध शेर-ए-पंजाब रेस्तरां का अधिकांश हिस्सा बाढ़ की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया है.
  • राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मानसून संबंधी आपदाओं में 20 जून से 310 लोगों की मौत हो चुकी है.
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मानसून ने हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही मचाई है. ब्यास नदी रौद्र रूप में है. कुल्लू जिले के मनाली में भी बारिश ने कहर बरपाया है. कई दुकानें बह गईं, इमारतें ढह गईं, रास्ते बंद हो गए और मकान पानी में डूब गए. इस आपदा की चपेट में मनाली का प्रसिद्ध शेर-ए-पंजाब रेस्तरां भी आया है. वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि इस आइकॉनिक रेस्तरां का सिर्फ गेट वाला हिस्सा ही बचा है, पीछे का पूरा हिस्सा बाढ़ में बह गया है. 

शेर-ए-पंजाब रेस्तरां ब्यास नदी के किनारे पर बना हुआ था. मनाली घूमने आने वाले टूरिस्टों के बीच ये काफी प्रसिद्ध था. लेकिन इस बार मानसूनी आपदा की मार यह सह नहीं पाया. इसकी सिर्फ आगे वाली एक दीवार ही बची है. बाकी का पूरा हिस्सा बाढ़ की भेंट चढ़ गया है.

लगातार बारिश की वजह से ब्यास नदी उफान पर है. इसका रौद्र रूप दिल दहलाने वाला है. सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में बाढ़ का विनाशकारी रूप नजर आ रहा है.

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बताया जा रहा है कि लार्गी बांध से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद मंगलवार को ब्यास नदी में काफी जलस्तर बढ़ गया था. इसकी वजह से नदी किनारे बनी कुछ इमारतें बाढ़ की चपेट में आ गईं. मंडी में ड्रोन से ली गईं ब्यास नदी की तस्वीरों से पता चला कि शहर में लगातार बारिश के बाद जलस्तर बढ़ रहा है.

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हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसूनी बारिश भारी तबाही मचा रही है. जान-माल दोनों का नुकसान हुआ है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के मुताबिक, 20 जून से बाढ़, भूस्खलन और बारिश से संबंधित घटनाओं में 310 लोगों की मौत हो चुकी है.

एसडीएमए के आंकड़ों के अनुसार, मंडी में 29, कांगड़ा में 30, चंबा में 14, किन्नौर में 14 और कुल्लू में 13 लोगों की मौत हुई है. डूबने की घटनाओं में कम से कम 33 लोगों की जान जा चुकी है. भूस्खलन और बाढ़ ने भी कम से कम 19 लोगों की जान ली है.

प्राकृतिक आपदा से राज्य में काफी नुकसान हुआ है. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़कों को 1.31 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की रिपोर्ट दी है. जल शक्ति विभाग (जेएसवी) ने सिंचाई व जलापूर्ति के साधनों में 87,226 करोड़ रुपये के नुकसान की सूचना दी है. 

इसी तरह बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर को 13,946 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. इस तरह कुल मिलाकर सार्वजनिक संपत्ति को अनुमानित 2.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है.

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