- मुंबई के साकीनाका इलाके में भारी बारिश के दौरान खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय असलम शेख की मौत हुई है
- डिप्टी मेयर संजय घाडी ने मेयर रितु तावड़े और बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े से इस्तीफा देने की मांग की है
- बीएमसी चुनावों के बाद बीजेपी और शिवसेना के बीच मेयर पद को लेकर चल रही पुरानी राजनीतिक खींचतान.
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भारी बारिश के बीच एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही ने एक नागरिक की जान ले ली. साकीनाका इलाके में एक खुले मैनहोल में गिरने से 60 वर्षीय बुजुर्ग असलम शेख की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे ने जहां एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है, वहीं देश की सबसे अमीर महानगरपालिका के भीतर का सियासी घमासान भी सतह पर ला दिया है. हादसे के बाद सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगी दल ही आमने-सामने आ गए हैं.
'मेयर और कमिश्नर तुरंत इस्तीफा दें'
इस दर्दनाक हादसे के बाद बीएमसी के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आ गई है. शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) से ताल्लुक रखने वाले डिप्टी मेयर संजय घाडी ने अपनी ही सरकार की सहयोगी बीजेपी से मेयर बनीं रितु तावड़े पर तीखा हमला बोला है. घाडी ने मेयर के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि खुले मैनहोल को लेकर मेयर को पहले ही आगाह किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई ऐक्शन नहीं लिया. उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
डिप्टी मेयर ने माना कि इस लापरवाही के लिए वे खुद भी जिम्मेदार हैं, लेकिन उन्होंने समय रहते अधिकारियों को सचेत किया था. घाडी ने मेयर के साथ-साथ बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को भी कठघरे में खड़ा किया और उनसे भी पद छोड़ने की मांग की है.
पुराना सियासी मनमुटाव फिर आया सामने
बता दें कि साल की शुरुआत में हुए बीएमसी चुनावों के बाद से ही बीजेपी और शिवसेना के बीच मेयर पद को लेकर खींचतान चल रही थी. शिवसेना इसे अपनी पारंपरिक सीट मान रही थी, जबकि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते इस पर अड़ी थी. लंबी खींचतान के बाद पावर-शेयरिंग फॉर्मूले के तहत बीजेपी को मेयर और शिवसेना को डिप्टी मेयर का पद मिला था. इस हादसे ने दोनों दलों के बीच के इस पुराने घाव को फिर से हरा कर दिया है.
मिलिंद देवड़ा ने भी उठाए सवाल
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने भी इस हादसे पर बीएमसी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह कोई 'हादसा' नहीं बल्कि सीधे तौर पर लापरवाही और सिस्टम की नाकामी है. बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा बार-बार फटकार लगाए जाने के बावजूद ऐसी घटनाओं का दोहराव बेहद चिंताजनक है. मुंबई की जनता को इसका जवाब मिलना चाहिए.
Another life lost. Another preventable tragedy. How many more Mumbaikars must die before basic civic safety becomes a priority? Open manholes are not “accidents”, they are the result of negligence, failed systems & a lack of accountability.
— Milind Deora | मिलिंद देवरा (@milinddeora) July 2, 2026
The Bombay High Court has repeatedly…
मोबाइल पर बात करते वक्त हुआ हादसा, दो घंटे बाद मिला शव
यह दिल दहला देने वाली घटना गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे साकीनाका के खैरानी रोड पर हुई. चश्मदीदों के मुताबिक, 60 वर्षीय असलम शेख भारी बारिश के बीच मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे, तभी वह पानी से लबालब भरे और खुले हुए मैनहोल में समा गए. मौके पर सिर्फ उनका छाता और चप्पलें पड़ी मिलीं.
सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और 108 एम्बुलेंस सेवा ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद असलम शेख का शव बरामद किया जा सका. अधिकारियों के मुताबिक, एक निजी ठेकेदार द्वारा मेंटेनेंस (रखरखाव) का काम किया जा रहा था, जिसने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर मैनहोल को खुला छोड़ दिया था.
प्रशासन सख्त कदम उठाए ताकि कोई और भाई न खोए
मृतक असलम शेख साकीनाका के यादव नगर इलाके में रहते थे. उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा, एक बेटी और चार भाई हैं. इस हादसे से पूरा परिवार सदमे में है. रोती-बिलखती बेटी इस स्थिति में नहीं थी कि कुछ कह सके. वहीं, मृतक के छोटे भाई अकबर शेख ने रोते हुए प्रशासन के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा कि मेरे भाई हमेशा की तरह सुबह काम पर निकले थे, दोपहर को हमें इस अनहोनी की खबर मिली. जो हुआ वो बहुत दुखद है. अब प्रशासन को इतने सख्त कदम उठाने चाहिए कि खुले मैनहोल की वजह से भविष्य में किसी और का भाई या पिता इस तरह दुनिया से न जाए.
कमिश्नर ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, ठेकेदार पर 'हत्या' का केस दर्ज होगा
मामले के तूल पकड़ने के बाद बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने गुरुवार को आला अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई. कमिश्नर ने संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और यह जांचने के निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा इंतजामों में चूक कहां हुई. लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है. दूसरी ओर, डिप्टी मेयर संजय घाडी ने साफ किया है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार निजी ठेकेदार के खिलाफ बीएमसी पुलिस में 'गैर-इरादतन हत्या' का मामला दर्ज कराएगी.
दो दिन पहले भी बीएमसी की लापरवाही से गई थी मासूम की जान
मुंबई में बीएमसी की लापरवाही का यह इस हफ्ते का दूसरा बड़ा मामला है. दो दिन पहले ही चेंबूर इलाके में एक स्कूल बस पर बीएमसी की अनदेखी के कारण पेड़ गिर गया था, जिसमें 11 साल के बच्चे की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे. उस मामले में बीएमसी ने एक अधिकारी को सस्पेंड किया था, और अब इस मैनहोल कांड ने मुंबई की नागरिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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