लोकसभा में तय था पीएम मोदी का संबोधन, फिर ऐन वक्त पर क्यों टला, पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी  

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा बोल चुकी थीं कि अगर उनके सदस्यों को नहीं बोलने दिया जाएगा तो विपक्ष सरकार के सदस्यों को भी नहीं बोलने देगा. इसके बाद कई बैठकों का सिलसिला चला.

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PM मोदी का संबोधन ऐन वक्त पर टाला गया
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  • विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे के विवादित बयान के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है.
  • सांसदों की बढ़ती संख्या और तीखे तेवर के कारण सदन की कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया
  • पीएम मोदी का भाषण बुधवार को लोक सभा में और गुरुवार को राज्य सभा में होना था
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नई दिल्ली:

आज बहुत उत्सुकता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की प्रतीक्षा हो रही थी. वे अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर क्या कहते हैं? चीन को लेकर राहुल गांधी के आरोपों का क्या जवाब देते हैं? सरकारी सूत्रों ने समय भी बता दिया था कि शाम पांच बजे लोक सभा में पीएम मोदी जवाब देंगे.लेकिन जब पांच बजे लोक सभा की कार्यवाही शुरू हुई तब अचानक ही हंगामा होने लगा. चेयर पर संध्या राय आईं और उन्होंने बीजेपी के पी पी चौधरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए पुकारा. चौधरी ने अपना भाषण शुरू ही किया था कि अचानक आसन पर विराजमान संध्या राय ने सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी. 

दरअसल, सरकारी सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी संबोधन के लिए सदन में आने वाले थे लेकिन इससे पहले विपक्षी सांसदों ने निशिकांत दुबे के बयान के मुद्दे पर ज़बर्दस्त घेराबंदी कर ली थी. वे जनरल नरवणे की किताब का एक बड़ा बैनर लेकर पहुंच गए थे. विपक्ष की महिला सांसदों ने पीएम की कुर्सी की ओर बढ़ना शुरू कर दिया था. वे धीरे धीरे सत्ता पक्ष की दो क़तारों तक पहुंचने लगे थे.

बाद में बीजेपी सांसदों ने भी उनकी ओर बढ़ना शुरू किया. इससे अप्रिय स्थिति की संभावना बनने लगी थी. इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करने का फ़ैसला किया गया. मॉर्शलों को अलर्ट कर किया गया था. ख़ासतौर से विपक्ष की महिला सांसदों के तीखे तेवर देखते हुए बड़ी संख्या में महिला मॉर्शल भी बुला ली गईं थीं.

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा बोल चुकी थीं कि अगर उनके सदस्यों को नहीं बोलने दिया जाएगा तो विपक्ष सरकार के सदस्यों को भी नहीं बोलने देगा. इसके बाद कई बैठकों का सिलसिला चला. विपक्ष के सांसद लोक सभा स्पीकर से मिले थे जहां उन्होंने निशिकांत दुबे के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की थी. सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात में विपक्ष के सांसदों के तेवर काफ़ी तीखे थे. स्पीकर ने उन्हें शाम चार बजे तक कार्रवाई के बारे में बताने को कहा था. 

इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह स्पीकर से मिले थे और इसी दौरान निशिकांत दुबे को भी बुला लिया गया था. बाद में शाह पीएम मोदी से मिले थे.एक ओर राहुल गांधी का मुद्दा है तो दूसरी ओर अब निशिकांत दुबे के नेहरु और इंदिरा गांधी के बारे में बयानों का. ऐसे में यह टकराव और बढ़ सकता है. अब देखना होगा कि पीएम गुरुवार को अपना जवाब कब देते हैं? वैसे पीएम को बुधवार को लोक सभा में और गुरुवार को राज्य सभा में जवाब देना था. अभी तक राज्य सभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चली है. 

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