- रोहतक में नेशनल लेवल पैरा-एथलीट रोहित धनखड़ की शादी समारोह में हुई कहासुनी के बाद पीट-पीटकर हत्या हुई
- आरोपियों ने रोहित पर रॉड और हॉकी स्टिक से हमला किया, जिससे उसकी गंभीर चोटें आईं और बाद में उसकी मौत हुई
- घटना के दिन रोहित अपने दोस्त जतिन के साथ रिश्तेदार की शादी में गया था, जहां लड़कों से विवाद हुआ था
हरियाणा के रोहतक में एक नेशनल लेवल पैरा-एथलीट की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि पूरा विवाद एक शादी समारोह के दौरान कुछ लड़कों से कहासुनी के बाद शुरू हुई. उसी कहासुनी का बदला लेने के लिए आरोपी लड़कों ने बाद में पैरा-एथलीट पर रॉड और हॉकी स्टीक से हमला किया था. बताया जा रहा है कि पैरा-एथलीट ने दूसरे लड़कों को शादी में आई लड़कियों पर टिप्पणी करने से रोका था. इसी बात पर कहासुनी हुई थी. इस हमले में पीड़ित एथलीट बुरी तरह से घायल हो गया था, जिसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दो दिन बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है. पुलिस ने मृतक एथलीट की पहचान रोहित धनखड़ के रूप में की है.
पुलिस की जांच में पता चला है कि 27 नवंबर की शाम को रोहित धनखड़ और उसका दोस्त जतिन, रेवारी खेड़ा में एक रिश्तेदार के घर शादी में शामिल होने गए थे. समारोह के दौरान रोहित ने कुछ लड़कों के गलत व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई थी. इस बात पर उसकी कुछ लड़कों से कहासुनी भी हुई थी. शादी के बाद जब रोहित रोहतक लौट रहा था, तो उसी दौरान आरोपी लड़कों ने पहले रोहित की कार को पीछे से पहले टक्कर मारी और इसके बाद 15 से 20 लड़कों ने रोहित को बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया.
आरोपियों ने रोहित की रॉड और हॉकी स्टिक पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. जिस समय रोहित पर हमला हुआ उस दौरान दोस्त भी उसके साथ ही था लेकिन वो किसी तरह से वहां भागने में सफर हो गया. रोहित को पहले भिवानी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और उसकी हालत बिगड़ने के बाद उसे रोहतक रेफर कर दिया गया, जहां उसकी चोटों के कारण मौत हो गई.
इस घटना को लेकर रोहित के दोस्त जतिन ने बताया कि मैं और रोहित मेरे रिश्तेदार की शादी में गये थे. ये लोग अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे तो हमने इसका विरोध किया. मेरे जीजा के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. हालांकि, जब हम लगभग एक घंटे के बाद कार्यक्रम स्थल से बाहर निकले, तो उन्हीं लोगों ने हमारी गाड़ी रोक दी. मैंने उनसे कहा, चलो कल बात करते हैं. लेकिन तब तक, वे विंडो सीट की खिड़की खोलने में कामयाब रहे. जहां रोहित बैठा था. इसके बाद उन्होंने मेरी तरफ वाली खिड़की के शीशे पर रॉड से हमला किया. हम वहां से निकले तो उन्होंने हमारा पीछा करना शुरू कर दिया. हमें एक रेलवे क्रॉसिंग पर उन्होंने हमारी कार को टक्कर मारी और फिर हमारे साथ मारपीट भी शुरू कर दी है. उनकी एक कार हमारे आगे थी और तीन हमारी कार के पीछे थीं. उन्होंने रोहित को पकड़ लिया जबकि मैं किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहा.













