दिल्ली एनसीआर में नमो भारत रैपिड रेल के बाद कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक और क्रांति आ रही है. यूपी के दो बड़े शहरों गाजियाबाद और नोएडा को हरियाणा से जोड़ते हुए ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (Orbital Rail Corridor) बनने जा रहा है, जो इन शहरों को सुपरफास्ट रफ्तार देगा. ये ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (EORC) को द रिंग रेल ऑफ NCR की तरह बनाया जाएगा. दिल्ली के बाहर-बाहर रिंग रोड की तरह रिंग रेल नेटवर्क की तैयारी है.ये हरियाणा के सोनीपत, कुंडली से शुरू होकर बागपत, हापुड़, गाजियाबाद (दुहाई-दादरी), नोएडा, ग्रेटर नोएडा से होते हुए पलवल के हरियाणा तक जाएगा. उत्तर प्रदेश में यह कॉरिडोर बागपत, हापु़ड़, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) को कवर करेगा. पूरे रेल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 270 किमी होगी.
आर्बिटल रेल कॉरिडोर क्या है
हरियाणा से गाजियाबाद और नोएडा तक का ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर दो परियोजनाओं का मिलन है. पश्चिम में यह हरियाणा ऑर्बिटल रेल और पूर्व में ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल और नोएडा-गाजियाबाद रैपिड रेल लिंक के तौर पर आगे बढ़ेगा. आर्बिटल रेल कॉरिडोर में ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी. गाजियाबाद और नोएडा के बीच लगभग 12 से 22 स्टेशन (मेट्रो और रैपिड रेल को मिलाकर) बनाए जाएंगे.
Orbital Rail Corridor in Delhi NCR
कॉरिडोर का गाजियाबाद-जेवर लिंक
गाजियाबाद से आर्बिटल रेल कॉरिडोर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट तक जाएगा. ये ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के समानांतर आगे बढ़ेगा.इस आर्बिटल रेल को नमो भारत (RRTS) रैपिड रेल के साथ जोड़ा जाएगा. आर्बिटल रेल को गाजियाबाद के दुहाई रैपिड रेल स्टेशन पर दिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा. यह गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट की दूरी को महज 45-50 मिनट में तब्दील कर देगा.
गाजियाबाद-नोएडा की लोकल रेल
नोएडा का अपना कोई प्रमुख स्टेशन नहीं है. इस कारण गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के बीच रेल कनेक्टिविटी की समस्या यात्रियों को होती है. लेकिन आर्बिटल रेल कॉरिडोर भविष्य में रैपिड रेल, मेट्रो के साथ दिल्ली एनसीआर में बिना ट्रैफिक के झंझट के ट्रांसपोर्ट का बड़ा जरिया बनेगा. यह कॉरिडोर दिल्ली के रेलवे स्टेशनों यानी नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली पर दबाव कम करेगा. गाजियाबाद के दुहाई और ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी, दादरी क्षेत्र में जमीन की कीमतों में उछाल आएगा. जेवर एयरपोर्ट के यात्रियों के लिए यह कॉरिडोर लाइफलाइन बनेगा.
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब
ये रेल कॉरिडोर रेलयात्रियों के लिए अलावा माल ढुलाई के लिए भी वरदान साबित होगा. दादरी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित होगा. ग्रेटर नोएडा के दादरी में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) भी इससे कनेक्ट होगा. ताकि नोएडा और गाजियाबाद की इंडस्ट्री का माल सीधे बंदरगाह या एयरपोर्ट तक पहुंच सके. आर्बिटल रेल कॉरिडोर के किनारे वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे गाजियाबाद की लोहा मंडी, लोनी और नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब को सीधा फायदा होगा.
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फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार
हरियाणा ऑर्बिटल रेल (पलवल-सोनीपत) का काम 60 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है. गाजियाबाद-नोएडा-जेवर लिंक के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट का अध्ययन हो चुका है. केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है. हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HRIDC) ने आर्बिटल रेल प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट गाजियाबाद अथॉरिटी को सौंप दी है. यूपी में इस प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी जीडीए तकनीकी अध्ययन के बाद काम आगे बढ़ाएगी. इसका यूपी में निर्माण कार्य 2026 अंत या 2027 में शुरू होने की उम्मीद है.
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आर्बिटल रेल कॉरिडोर कहां-कहां जुड़ेगा
- दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
- एनसीआर में ट्रांसपोर्ट का बड़ा नेटवर्क बनेगा, जिससे सामानों की आवाजाही सस्ती और तेजी से होगी
- NH-44 (दिल्ली–मथुरा), NH-34 (गाजियाबाद–मेरठ), NH-9 (दिल्ली–हापुड़) से कनेक्टिविटी
- NH-334 C (गाजियाबाद–बुलंदशहर) और NH-3 (दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे) से भी लिंक होगा
- दुहाई के पास रैपिड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगा, यात्रियों को मेट्रो और रैपिड रेल बदलने की सुविधा














