दिल्ली नगर निगम चुनाव में ‘नोटा’ को 57,545 वोट पड़े

आम आदमी पार्टी ने 134 सीटों के साथ दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव जीता है. जिसके साथ ही निकाय में भाजपा का 15 साल का शासन समाप्त हो गया है.

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दिल्ली में रविवार को हुए चुनाव में 50.48 प्रतिशत मतदान हुआ था.
नई दिल्ली:

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में 57,000 से अधिक वोट ‘उपरोक्त में से कोई नहीं' (नोटा) को पड़े. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बुधवार को साझा किए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. दिल्ली में रविवार को हुए चुनाव में 50.48 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके नतीजे बुधवार को घोषित किए गए. निर्वाचन आयोग ने बताया कि चार दिसंबर को हुए चुनाव में कुल मतों में से 57,545 (0.78 प्रतिशत) वोट नोटा को पड़े.

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार दिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या 1,45,05,358 है, जिसमें 78,93,418 पुरुष, 66,10,879 महिलाएं और 1,061 ट्रांसजेंडर हैं. 4 दिसंबर को हुए चुनावों में डाले गए कुल मतों में से 57,545 मत (0.78 प्रतिशत) नोटा के लिए थे.

आम आदमी पार्टी ने 134 सीटों के साथ दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव जीता है. जिसके साथ ही निकाय में भाजपा का 15 साल का शासन समाप्त हो गया है.

कांग्रेस की वोट हिस्सेदारी घटी

एमसीडी के चुनावों में कांग्रेस की वोट हिस्सेदारी 21.2 प्रतिशत से घटकर 11.68 प्रतिशत रह जाने से राष्ट्रीय राजधानी में उसकी मौजूदगी कम होती दिख रही है. इस साल कांग्रेस द्वारा एमसीडी चुनाव में जीती गई अधिकतर सीट मुस्लिम बहुल क्षेत्र में हैं. वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की वोट हिस्सेदारी 9.7 प्रतिशत थी, जो 2017 में निगम चुनावों में 21.2 प्रतिशत हो गई.

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वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में 2017 के निगम चुनावों में जीत दर्ज करने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) जैसी राजनीतिक पार्टियां इस बार एमसीडी चुनाव में कोई महत्वपूर्ण छाप छोड़ने में नाकाम रही हैं.

राज्य चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, बसपा को 1,31,770 वोट मिले, जो डाले गए कुल वोटों का 1.80 प्रतिशत है. अखिलेश यादव की सपा को केवल 988 वोट मिले जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 102 वोट मिले.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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