नितिन कसलीवाल पर शिकंजा! लंदन में 150 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच, बैंक घोटाले का आरोपी

ईडी ने नितिन कसलीवाल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लंदन में 150 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है. कसलीवाल पर भारतीय बैंकों से 1400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. जांच में सामने आया कि उन्होंने टैक्स हेवन देशों में ट्रस्ट और कंपनियों के जरिए संपत्ति छिपाई.

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Nitin Kasliwal ED action: ईडी ने साल के आखिरी दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेश में छिपाई गई काली कमाई पर वार किया है. इंदौर स्थित प्रवर्तन निदेशालय की सब-ज़ोनल ऑफिस ने लंदन के पॉश इलाके में मौजूद एक आलीशान संपत्ति को प्रोविजनल अटैच कर लिया है. यह संपत्ति बकिंघम पैलेस के पास है और इसकी कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

कसलीवाल पर बैंक घोटाले का आरोप

ईडी के मुताबिक, यह संपत्ति एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन शंभुकुमार कसलीवाल और उनके परिवार के बेनिफिशियल ओनरशिप में है. नितिन कसलीवाल पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय बैंकों के कंसोर्टियम से करीब 1400 करोड़ रुपये का घोटाला किया. इस मामले में उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं.

ईडी की छापेमारी और दस्तावेज़ बरामद

जांच के दौरान 23 दिसंबर 2025 को ईडी ने PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत छापेमारी की थी. इस दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए. इनकी जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए.

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टैक्स हेवन देशों में ट्रस्ट और कंपनियों का जाल

ईडी की जांच में सामने आया कि कसलीवाल ने अपनी संपत्ति छिपाने के लिए ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI), जर्सी और स्विट्ज़रलैंड जैसे टैक्स हेवन देशों में ट्रस्ट और कंपनियों का नेटवर्क बनाया. उन्होंने कैथरीन ट्रस्ट (पहले सूर्या ट्रस्ट) नाम से एक ट्रस्ट बनाया, जिसमें वे और उनके परिवार के सदस्य मुख्य लाभार्थी हैं. यही ट्रस्ट जर्सी और BVI में रजिस्टर्ड कंपनी कैथरीन प्रॉपर्टी होल्डिंग लिमिटेड को कंट्रोल करता है, जिसके नाम पर लंदन की यह महंगी प्रॉपर्टी दर्ज है.

फर्जी निवेश के जरिए विदेशों में संपत्ति

ईडी का कहना है कि कसलीवाल ने बैंकों से लिया गया पैसा फर्जी विदेशी निवेश दिखाकर भारत से बाहर भेजा और फिर उसी पैसे से विदेशों में महंगी अचल संपत्तियां खरीदीं. इन संपत्तियों को ट्रस्ट और कंपनियों के जटिल ढांचे के पीछे छुपा दिया गया. ईडी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है. आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों पर कार्रवाई हो सकती है. जांच जारी है और कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

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