- शरद पवार की एनसीपी और कांग्रेस के बीच विलय की अफवाहें चल रही हैं, लेकिन दोनों पक्ष इसे नकार रहे हैं
- एनसीपी (एसपी) के सांसद और विधायकों में कांग्रेस में विलय को लेकर एकमत नहीं होने की स्थिति बनी हुई है
- एनसीपी का कांग्रेस में विलय की बात पुरानी होने के बाद अब एक बार फिर से इसको लेकर चर्चा हो रही है
महाराष्ट्र की राजनीति में ये उथल-पुथल का दौर है, जहां उद्धव ठाकरे की शिवसेना एक बार फिर टूट गई. इस टूट ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. एकनाथ शिंदे की शिवसेना अब लोकसभा में महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. जिस तरह से महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना टूटी है, उसके बाद अब शरद पवार की एनसीपी चर्चा में आ गई है. कई लोग कह रहे हैं कि क्या अगला नंबर एनसीपी (एसपी) का है?
हालांकि इसके साथ ही एक और चर्चा तेज है कि क्या कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी का विलय होगा. इस सवाल को लेकर एनडीटीवी ने एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले से बात की.
दरअसल बात ये है कि विलय से पहले एनसीपी (एसपी) को अपने 10 विधायकों और 8 सांसदों की भी बात सुननी पड़ेगी. कहा ये जा रहा है कि शरद पवार की पार्टी का कांग्रेस में विलय को लेकर एक राय नहीं है. कुछ लोग बीजेपी के साथ मिलकर रहना चाहते हैं, क्योंकि उनको लगता है यदि शरद पवार अगले चुनाव तक राजनीति में सक्रिय नहीं रहे तो उनका जीतना मुश्किल हो सकता है.
वैसे कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) के बीच विलय की चर्चा बहुत पुरानी है. लेकिन अब फिर चर्चा शुरू हुई है तो बात दूर तक जाएगी. हालांकि फिलहाल सुप्रिया सुले इस पर पूर्ण विराम लगाने की कोशिश कर रही हैं.
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