Namo Bharat Corridor in UP : दिल्ली-एनसीआर की तरह उत्तर प्रदेश में अपना राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) तैयार हो ही रहा है. इस रीजन में हाई स्पीड रेल नेटवर्क की तैयारी में भी यूपी की आदित्यनाथ सरकार जुट गई है. उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (UP SCR) के डेवलपमेंट प्लान के तहत कानपुर-उन्नाव-लखनऊ-अयोध्या के बीच नमो भारत कॉरिडोर बनाने और रैपिड रेल चलाने की तैयारी है. यानी इन शहरों के बीच 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नमो भारत ट्रेन चलेगी, जैसी कि अभी दिल्ली से मेरठ के बीच चल रही है. इस हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत कॉरिडोर का मास्टर प्लान तैयार किया गया है.परियोजना का व्यापक रूपरेखा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में सलाहकार एजेंसी ने दिया है. इसमें नयागंज (कानपुर) उन्नाव, बशीरतपुर, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी (लखनऊ), सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या में स्टेशन का प्रस्ताव है.
कानपुर से अयोध्या महज डेढ़ घंटे में
इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 187 किलोमीटर होगी. इस हाई स्पीड रैपिड रेल के शुरू होने से कानपुर से अयोध्या का सफर महज डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 32 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) और यूपी सरकार मिलकर संयुक्त रूप से इस पर आगे काम करेंगे.
Namo Bharat Corridor in UP SCR
कानपुर-अयोध्या नमो भारत कॉरिडोर
कानपुर-अयोध्या नमो भारत कॉरिडोर को दो मुख्य चरणों में तैयार करने का प्रस्ताव है.पहले चरण में कानपुर के नयागंज से लखनऊ के अमौसी (एयरपोर्ट) तक करीब 67 किलोमीटर लंबा सेक्शन पहले विकसित करने का प्लान है. दूसरे चरण में इस लाइन को अमौसी से आगे बढ़ाकर लखनऊ सिटी, बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक पूरा किया जाएगा.इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है. इन स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों में विशेष इकोनॉमिक और कमर्शियल हब बनाया जाएगा.
लखनऊ बनेगा सराय काले खां जैसा मुख्य इंटरचेंज
दिल्ली-NCR में दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन के सराय काले खां की तर्ज पर इस नेटवर्क में लखनऊ को सबसे बड़ा रीजनल इंटरचेंज हब बनाया जाएगा. इससे कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी और अयोध्या के बीच रोजमर्रा के यात्रियों, नौकरीपेशा युवाओं, छात्रों और पर्यटकों को हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
कानपुर-अयोध्या नमो भारत प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य केवल लखनऊ के आसपास इन शहरों के बीच यात्रा का समय कम करना नहीं है. साथ ही उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP SCR) के बड़े शहरों में आर्थिक, औद्योगिक, रियल एस्टेट और धार्मिक पर्यटन (जैसे अयोध्या राम मंदिर के लिए) की गतिविधियों को एक नई रफ्तार देना है.
कनेक्टिविटी के लिए 40 और 90 मिनट का फॉर्मूला
कानपुर से लखनऊ मात्र 40 मिनट: अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में कानपुर (नयागंज) से लखनऊ (अमौसी) के बीच का 67 किलोमीटर का नमो भारत ट्रैक शुरू होगा तो दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र 40 मिनट में तय हो सकेगी.जब दूसरे फेज में यह कॉरिडोर पूरी तरह अयोध्या तक (187 किमी) तक जाएगा तो पूरी यात्रा सिर्फ डेढ़ घंटे में सिमट जाएगी.
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टाउनशिप और इकोनॉमिक जोन का मास्टरप्लान
प्रजेंटेशन का सबसे बड़ा प्वाइंट ट्रांसपोर्ट के अलावा ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति पर था. सभी 12 स्टेशनों रैपिड रेल सिर्फ ठहराव ही नहीं विशेष आर्थिक और कमर्शियल हब के तौर पर डिजाइन किया गया है.प्रेजेंटेशन में तकनीकी व्यवहार्यता और वित्तीय मॉडल का शुरुआती खाका भी सरकार के समक्ष रखा गया है, ताकि जल्द से जल्द कैबिनेट से औपचारिक वित्तीय मंजूरी ली जा सके.
- अमौसी (लखनऊ): इसे मॉडर्न एयरोहब (Aerohub) के रूप में विकसित किया जाएगा, जो चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे इंटीग्रेटेड होगा.
- उन्नाव और भिटरिया: इन स्टेशनों के पास लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट डिस्ट्रिक्ट बनाए जाएंगे ताकि माल ढुलाई और भारी वाहनों की कनेक्टिविटी सुधरे.
- नवाबगंज: चूंकि यह बर्ड सेंचुरी के पास है, इसलिए इस पूरे स्टेशन एरिया को इको-टूरिज्म ज़ोन के रूप में डेवलप करने का प्लान है.
- बंथरा: इसे पूरी तरह से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तौर पर प्रमोट किया जाएगा.
- अयोध्या: इसे एक ग्लोबल टूरिज्म और हेरिटेज हब की तरह पेश किया गया है, जहां उतरते ही यात्रियों को आध्यात्मिक माहौल मिलेगा.
- लखनऊ- दिल्ली-NCR के सराय काले खां स्टेशन की तर्ज पर लखनऊ को इस पूरे नेटवर्क का प्राइमरी रीजनल इंटरचेंज बनाया जाएगा.
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उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन दिल्ली एनसीआर जैसी रफ्तार
प्रस्ताव में कहा गया है कि ये नमो भारत प्रोजेक्ट यूपी के स्टेट कैपिटल रीजन (UP-SCR) की रीढ़ की हड्डी बनेगा. इसके दायरे में आने वाले 6 प्रमुख जिले लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, बाराबंकी, रायबरेली और अयोध्या एक दूसरे से सीधे हाई स्पीड नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इससे लोग एक शहर में रहकर दूसरे शहर में आसानी से डेली अप डाउन कर सकेंगे, जिससे रियल एस्टेट और रोजगार के अवसरों में भारी उछाल आएगा.
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