- आप सांसद राघव चड्ढा ने सदन में भाषण देते हुए अपनी उपस्थिति और पार्टी के नेताओं की अनुपस्थिति पर तंज कसा
- चड्ढा ने कहा मैं हाल ही में हटाया गया उपनेता हूं. मुझे बोलने का अवसर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
- उन्होंने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को विपक्ष को बोलने का मौका देने के लिए धन्यवाद दिया है
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को भाषण देते हुए इस मामले पर तंज कसा. राघव चड्ढा ने कहा कि मेरी पार्टी के नेता सदन में उपस्थित नहीं हैं. मेरी पार्टी के नव नियुक्त उपनेता भी सदन में उपस्थित नहीं हैं. मैं हाल ही में हटाया गया उपनेता हूं और सदन में उपस्थित हूं. मुझे बोलने का अवसर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद.
हरिवंश के राज्यसभा में फिर से उपसभापति चुने जाने के मौके पर उन्होंने कहा कि हरिवंश जी के साथ मेरा खट्टा-मीठा अनुभव रहा है. कभी उन्होंने मुझे डांटा भी है, तो कई बार आशीर्वाद भी दिया है. राघव ने कहा कि मैं आशा करता हूं कि इस कार्यकाल में जो हमारा रिश्ता है वो मीठा-मीठा ही रहे, उसमें से खटास खत्म हो जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सदन में मुझे तय समय के बाद दो-तीन मिनट का और वक्त मिल जाए तो अपनी बात और मजबूती से रख सकूंगा.
राघव चड्ढा ने सदन में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को भी सदन के बेहतर संचालन के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने सभापति से कहा कि जब से आप सदन के चेयरमैन बने हैं, तब से विपक्ष के भी ज्यादा सांसदों को बोलने का मौका मिल रहा है, इसके लिए आपका धन्यवाद.
बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) ने हाल ही में सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता के पद से हटा दिया था और उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को उपनेता बनाया गया था.
आबकारी नीति मामले से जुड़े होने के आरोप में मार्च 2024 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय चड्ढा मेडिकल कारणों से विदेश में थे. केजरीवाल की लगभग छह महीने की कैद के दौरान चड्ढा देश से बाहर ही रहे और 13 सितंबर 2024 को उनकी रिहाई के कुछ ही दिनों बाद उनसे मिले.
पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने कहा था, "मेरे संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों के प्रति आदरपूर्वक, मैं अपने काम को ही बोलने दूंगा."
चड्ढा संसद के भीतर और बाहर मुखर रहे हैं तथा हवाई किराए में बढ़ोतरी और गिग वर्कर्स की स्थिति जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं. उन्होंने एक वीडियो के जरिए इसका जवाब भी दिया था. इसमें उनके राज्यसभा में दिए गए भाषणों की झलक दिखाई गई थी, जिसमें उन्होंने कई अहम मुद्दों को उठाया था. वीडियो में डाटा, पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने, न्यूनतम बैलेंस पेनल्टी खत्म करने और खाद्य मिलावट जैसे विषय शामिल हैं. इसके अलावा, 28 दिन के मोबाइल रिचार्ज प्लान, एयरलाइंस के एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज, पेपर लीक घोटाले और वायु प्रदूषण की समस्या पर भी उन्होंने आवाज उठाई.
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वीडियो में सरकारी बैंकों की स्थिति, दिव्यांग और सशस्त्र बलों पर टैक्स हटाने, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को वैध बनाने और 'राइट टू हायर, राइट टू फायर' जैसे विषय भी शामिल थे. उन्होंने महंगाई, पंजाब की 'कैंसर ट्रेन', जल संकट, भूजल की कमी और पीने के पानी की समस्या जैसे गंभीर मुद्दों को भी उठाया है.
इसके अलावा शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई, वेतन इंडेक्सेशन, किसानों के लिए एमएसपी, उत्पादों की भ्रामक ब्रांडिंग, और ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को मजबूत करने की जरूरत का जिक्र था. राघव चड्ढा ने भगत सिंह को भारत रत्न देने, 'वन नेशन, वन मेडिकल ट्रीटमेंट,' मासिक धर्म स्वच्छता, और श्री ननकाना साहिब कॉरिडोर जैसे मुद्दों को भी उठाया.
उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए फंड जारी करने, केंद्र-राज्य ग्रांट्स और उड़ान कैफे विस्तार की भी मांग की. यह वीडियो उनके संसदीय कामकाज और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश के रूप में देखा गया.
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