पसीना छुड़ाने वाली खबर- इस बार 10 साल में सबसे कम बारिश, जुलाई में भी चलेगी लू

आम तौर पर एक जून तक भारत में मॉनसून आ जाता था. लेकिन इस बार मॉनसून में भी देरी हो रही है. मौसम विभाग की माने तो अगले एक हफ्ते में मॉनसून केरल पहुंचेगा. पूरे देश में सक्रिय होते-होते महीना भर से ज्यादा समय लगेगा.

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IMD ने इस साल सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है.
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  • IMD ने मॉनसूनी बारिश के लिए जो भविष्यवाणी की, उसमें सामान्य से कम बारिश की बात कही गई थी.
  • 2015 के 9 साल बाद IMD ने इस बार सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है.
  • ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत से महंगाई बढ़ ही रही है.
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नई दिल्ली:

Monsoon 2026: इन दिनों सुबह नींद खुलते ही चिलचिलाती धूप के दर्शन होते है. जैसे-जैसे दिन चढ़ता है पारा भी बढ़ते जाता है. शाम होते-होते तापमान चरम पर रहता है. जिसकी धमक देर रात तक महसूस होती है. मई खत्म होने को है, लेकिन सूरज की तपिश घटने का नाम नहीं ले रही. पिछले साल इस समय तक मॉनसून ने भारत में धमक दे दी थी. लेकिन इस बार अभी तक मॉनसून का कोई अता-पता नहीं है. शुक्रवार को मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मॉनसूनी बारिश के लिए जो भविष्यवाणी की, उसमें सामान्य से कम बारिश की बात कही गई. जून, जुलाई में भी हीटवेव की चेतावनी दी गई है.  

IMD के DG डॉ. मृत्युंजय मोहपात्रा ने बयान में कहा, “देश के अधिकतर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों वाले मानसून कोर जोन में दक्षिण-पश्चिम मानसून की मौसमी वर्षा सामान्य से कम (LPA के 94 प्रतिशत से कम) रहने की सबसे अधिक संभावना है.” 

IMD ने 90 प्रतिशत बारिश की जताई संभावना

IMD ने जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान भारत में मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसमें मॉडल त्रुटि 4 प्रतिशत तक हो सकती है. देश में कुल मौसमी वर्षा का दीर्घकालिक औसत (1971–2020 के आंकड़ों के आधार पर) 87 सेंटीमीटर है.

2015 के बाद इस बार सामान्य से कम बारिश की संभावना

2015 के 9 साल बाद IMD ने इस बार सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है. 2015 में अल नीनो के कारण 88 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई गई थी. लेकिन हकीकत में 86 प्रतिशत बारिश हुई थी. अब इस साल मौसम विभाग ने 90 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई है. जो सामान्य से कम है. 

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एक हफ्ते में केरल पहुंचेगा मॉनसून

आम तौर पर एक जून तक भारत में मॉनसून आ जाता था. लेकिन इस बार मॉनसून में भी देरी हो रही है. मौसम विभाग की माने तो अगले एक हफ्ते में मॉनसून केरल पहुंचेगा. पूरे देश में सक्रिय होते-होते महीना भर से ज्यादा समय लगेगा. ऐसे में जून-जुलाई तक गर्मी की धमक रहेगी. मौसम विभाग ने जून-जुलाई में भी हीटवेव की चेतावनी जारी की है. 

कमजोर मॉनसून, ईरान युद्ध, पेट्रोल-डीजल की महंगाई

मॉनसून में देरी और कम बारिश से खरीफ फसलों की बुआई पर असर पड़ेगा. ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत से महंगाई बढ़ ही रही है. अब कमजोर मॉनसूनी बारिश से हालात और बिगड़ने के आसार है. कुल मिलाकर साल 2026 बहुत भारी पड़ने वाला है. इसके लिए तैयारी पहले से करनी पड़ेगी. 

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बीते एक-दो दिन से प्री-मानसून की बारिश से मिली राहत

हालांकि बीते एक-दो दिन में बिहार, यूपी, राजस्थान सहित कई राज्यों में मानसून के आगमन से पहले हुई बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है. कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. दिल्ली में बादल छाए रहे और तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई. यहां पिछले 21 दिनों में सबसे कम अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया. 

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई उत्तरी राज्यों के लिए मौसम विभाग ने बारिश और आंधी की आशंका जताई है. राजस्थान में भीषण गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है और तापमान मध्य 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है. हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार से राज्य में आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.

8 मई के बाद शुक्रवार को दिल्ली में सबसे कम रहा पारा

दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो आठ मई के बाद सबसे कम है. आठ मई को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. इस बीच के दिनों में लंबे समय तक चली लू के कारण तापमान लगातार बढ़ता रहा और 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था.

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दिल्ली में गिरा पारा, रविवार के लिए येलो अलर्ट

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में पिछले 48 घंटों के दौरान तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और कुछ केंद्रों पर तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से अधिक नीचे आ गया.

आईएमडी ने अनुमान जताया है कि 31 मई तक गरज के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा. शनिवार के लिए मौसम विभाग ने न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है. बारिश के साथ आंधी को लेकर ‘येलो अलर्ट' जारी किया गया है.

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बारिश से हरियाणा, पंजाब में लोगों को मिली राहत

हरियाणा और पंजाब में भी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे रहकर 30 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है.

उत्तर प्रदेश में आईएमडी ने अगले दो दिनों में राज्यभर में व्यापक बारिश और आंधी का अनुमान जताते हुए तेज हवाएं, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

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यूपी में 3-4 जून से फिर प्रचंड गर्मी का कहर

मौसम विभाग ने कहा कि एक जून से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है और तीन तथा चार जून को उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य की राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.1 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा.

हिमाचल में 4 जून तक बारिश का दौर

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने चार जून तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है. शुक्रवार शाम राज्य की राजधानी और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जिसके बाद शनिवार के लिए किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर 10 जिलों में आंधी, बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई.

उत्तराखंड में भी आज बारिश के आसार

उत्तराखंड में आईएमडी ने शनिवार के लिए हल्की से मध्यम बारिश, आंधी-तूफान और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया है. विभाग ने ‘नजर बनाए रखने' की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी आने के लिए सतर्क रहने को कहा है.

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