NCP नेता मोहम्मद फैजल की लोकसभा सदस्यता बहाली पर SC में सुनवाई, जानिए पूरा मामला

मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जे बी पारदीवाला की बेंच लक्षद्वीप के पूर्व सांसद की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों के आधार पर मामले की सुनवाई के लिए राजी हुई है.

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मोहम्मद फैजल ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.
नई दिल्ली:

लक्षद्वीप के पूर्व सांसद मोहम्मद फैजल की लोकसभा सदस्यता की बहाली की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई हो रही है. नेशनल कांग्रेस पार्टी के नेता मोहम्मद फैजल पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था. अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी. इस सजा के बाद फैजल की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी.

इस साल जनवरी में केरल हाईकोर्ट ने मोहम्मद फैजल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी, लेकिन लोकसभा सचिवालय ने अभी तक उनकी अयोग्यता का आदेश वापस नहीं लिया है. इसे के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.

सीजेआई की बेंच कर रही सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जे बी पारदीवाला की बेंच लक्षद्वीप के पूर्व सांसद की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों के आधार पर मामले की सुनवाई के लिए राजी हुई है.

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13 जनवरी को रद्द हुई थी सदस्यता
दरअसल, आपराधिक मामले में पूर्व सांसद मोहम्मद फैज़ल की सजा के निचली अदालत के फैसले के बाद 13 जनवरी को लोकसभा महासचिव ने उनकी अयोग्यता की घोषणा करते हुए एक अधिसूचना जारी कर दी थी. इसके तहत 11 जनवरी 2023 से मोहम्मद फैजल की लोकसभा सदस्यता रद्द की गई. हालांकि, केरल हाईकोर्ट ने फैजल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी. 

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फैजल ने दी ये दलीलें
फैजल का कहना है कि कवरत्ती के सेशन कोर्ट ने जैसे ही हत्या के प्रयास मामले में उन्हें दोषी ठहराया और सजा का ऐलान किया.. उसके ठीक अगले ही दिन उन्होंने सजा के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी थी. इसमें उन्होंने दोषसिद्धि पर रोक लगाने और जमानत दिए जाने की मांग की थी. मामला अदालत में लंबित था. इसी दौरान लोकसभा सचिवालय ने 13 जनवरी को अयोग्यता की अधिसूचना जारी कर दी. फिर 18 जनवरी को चुनाव आयोग ने लक्षद्वीप में उपचुनाव का ऐलान कर दिया था.

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इसके बाद मोहम्मद फैजल ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक, कानून के आधार पर निर्णय लेने की बात कही गई. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका निपटा दी. हालांकि, कई बार ज्ञापन दिए जाने के बाद भी फैजल की लोकसभा सदस्यता बहाल नहीं हुई. अब इसे ही लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है.

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