- कोरापुट के कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस पर जिले में मांसाहारी भोजन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया
- यह आदेश केवल 26 जनवरी के दिन लागू होगा और मांस, चिकन, मछली, अंडे आदि की बिक्री पर रोक लगाएगा
- जिले के सभी तहसीलदार, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर और एग्जीक्यूटिव अधिकारियों कोपत्र भेजा गया है
ओडिशा में कोरापुट के कलेक्टर और डीएम ने जिले के सभी तहसीलदारों, सभी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसरों और सभी एग्जीक्यूटिव अधिकारियों को पत्र लिखकर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में मांस, चिकन, मछली, अंडे आदि और मांसाहारी भोजन की बिक्री पर रोक लगाने का आधिकारिक आदेश जारी करने को कहा है.
26 जनवरी को मांस क्यों बैन?
इससे पहले यूपी के कई जिलों में भी कांवड़ यात्रा और नवरात्रि के दौरान मांस की दुकाने बंद करने का आदेश जारी किया जाता रहा है. लेकिन 26 जनवरी के दिन मांस की दुकानों को बंद करने का आदेश पहली बार किसी राज्य में सुनने को मिल रहा है. इस पर सवाल भी उड़ने लगे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर, क्यों ऐसा अजब आदेश दिया गया है? कोरापुट जिला प्रशासन के इस फैसले के बाद कोरापुट जिले के बाजारों, मांस दुकानों और नॉनवेज विक्रेताओं को 26 जनवरी के लिए अपनी दुकानों को बंद रखना होगा.
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सिर्फ एक दिन का प्रतिबंध
कोरापुट के जिला कलेक्टर मनोज सत्यवान महाजन ने बताया कि अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी को जिले में मांस, चिकन, मछली, अंडा और अन्य सभी नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. यह आदेश सिर्फ और सिर्फ गणतंत्र दिवस के दिन ही लागू रहेगा. पत्र में कहा गया है कि 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर कोरापुट जिले में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.
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