हिमाचल में त्रासदी के बीच कैसे पहुंचे चंडीगढ़ से रोहतांग दर्रा, वहां कैसी दिखी व्यास नदी 

कुल्लू से रोहतांग राष्ट्रीय राजमार्ग पंचाल के पास काफ़ी बड़े हिस्से को नुक़सान पहुंचने के चलते इस राजमार्ग से जाना आसान नहीं था लेकिन हैरानी की बात ये थी कि पुराने रास्ते खुले थे यानि कोठी से होकर जाने वाला रास्ता खुला था.

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कुल्लू-मनाली में बेहतर हो रहे हैं हालात
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  • कुल्लू-मनाली में अगस्त में आई त्रासदी ने राजमार्गों को क्षतिग्रस्त कर दिया था.
  • व्यास नदी के कटाव से राजमार्ग बंद हो गया था और यात्री कई घंटे फंसे रहने के बाद ही आगे बढ़ पाए थे
  • पुराने ग्रामीण रास्ते खुलने के कारण रोहतांग दर्रे तक पहुंचना संभव हुआ जबकि मुख्य राजमार्ग क्षतिग्रस्त था
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कुल्लू-मनाली में पिछले महीने जिस तरह की त्रासदी आई उसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. NDTV ने भी इस त्रासदी को ना सिर्फ पास से देखा बल्कि आपतक पल-पल की कवरेज भी पहुंचाई. हमारे रिपोर्टर ने इस कवरेज के दौरान कई दुर्गम पहाड़ियों और ऐसे इलाकों का दौरा किया जहां उस दौरान जा पाना उतना आसान नहीं था. आज हम आपसे वहीं अनुभव साझा करने जा रहे हैं. पढ़िए हमारे रिपोर्ट की डायरी...

व्यास नदी में कई जगहों पर अपना किनारा बदला है लिहाज़ा राष्ट्रीय राजमार्ग और किनारों पर रिवर व्यू के लिए बनाए गए रिसार्ट और घरों को ख़ासा नुक़सान पहुंचा है. मौसम के जानकारों के मुताबिक अब ग्लोबल वार्मिंग के चलते बेमौसम तेज बारिश और बर्फबारी आम हो चुकी है.मौसम में इन बदलावों का सबसे पहला और बड़ा भुक्तभोगी पहाड़ और वहां रहने वाले लोग हैं.
 

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