- देशभर में मकर संक्रांति मनाई जा रही है, लेकिन ग्रहों की चाल के हिसाब से कुछ अद्भुत संयोग बन रहे हैं
- इस बार मकर संक्राति आज यानी 14 जनवरी और 15 जनवरी को दो दिन पड़ रही है.
- इसके साथ ही इस साल 23 साल बाद मकर संक्रांति और एकादशी का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है
देशभर में आज मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है. कानपुर, प्रयागराज, हरिद्वार से लेकर बंगाल में गंगा सागर तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा स्नान को उमड़ी है. मकर संक्रांति स्नान पर्व पर हरिद्वार के हर की पैड़ी, प्रयागराज में संगम तट पर सुबह 3-4 बजे से गंगा किनारे श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचे. घने कोहरे और भयंकर ठंड पर श्रद्धालुओं का जोश भारी पड़ता दिखा. हरिद्वार में ढोल और दमाऊं की थाप के बीच देव डोलियों को लाया गया और गंगा स्नान कराया गया. गंगा के सभी घाटों पर लोग स्नान दान और पूजा करते देखे गए. गंगा घाट पर आरती की गई. उत्तर प्रदेश में भी कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज जैसे शहरों में गंगा किनारे सुबह के वक्त लोग स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पण के साथ पूजा अर्चना करते देखे गए. (माघ मेले की दिव्य तस्वीरें ). लेकिन मकर संक्रांति इस बार थोड़ा हटकर है. इसमें 23 साल वाला एकादशी का संयोग है, तो दो दिन के शुभ मुहूर्त का फेर भी है. जानिए मकर संक्रांति से जुड़े हर सवाल का जवाब...
मकर संक्राति के चार शुभ मुहूर्त
अमृत मुहूर्तः सुबह 7.59 बजे से 9.19 बजे तक
शुभ मुहूर्तः सुबह 10.39 बजे से 11.59 बजे तक
अभिजित मुहूर्तः दोपहर 11.37 बजे से 12.20 बजे तक
चर-लाभ मुहूर्तः दोपहर 2.38 बजे से शाम 5.18 बजे तक
23 साल वाला संयोग क्या है?
षटतिला एकादशी और मकर संक्राति का दुर्लभ मिलन हो रहा है. 23 साल बाद ऐसा संयोग बना है. आज सूर्य रात 9.29 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे.
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