- महाराष्ट्र सरकार ने ई-रिक्शा और ई-बाइक से यात्री परिवहन के लिए परमिट लेना अनिवार्य कर दिया है
- परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार अब सभी यात्री वाहनों पर समान नियम लागू होंगे और पारदर्शिता बढ़ेगी
- राज्य में रिक्शा और टैक्सी के नए परमिट जारी करने की प्रक्रिया कुछ दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है, राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि अब ई-रिक्शा और ई-बाइक से यात्री परिवहन करने के लिए भी परमिट (लाइसेंस) लेना अनिवार्य होगा. मंत्री सरनाईक के अनुसार, फिलहाल राज्य में रिक्शा और टैक्सी के नए परमिट जारी करने की प्रक्रिया पिछले 2 दिनों से अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है. हालांकि, बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को देखते हुए सरकार ने अब ई-रिक्शा और ई-बाइक को भी मोटर वाहन विभाग में विधिवत पंजीकरण कराकर परमिट लेने के दायरे में लाने का निर्णय लिया है.
परिवहन मंत्री ने बताया कि अभी तक इलेक्ट्रिक रिक्शा (ई-रिक्शा) को यात्री परिवहन के लिए अलग से परमिट लेने की बाध्यता नहीं थी. लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या और यात्री परिवहन में एकरूपता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की अधिसूचना क्रमांक का.आ. 2812 (अ) दिनांक 30 जून 2016 के अनुसार अब यात्री परिवहन से जुड़े सभी वाहनों पर समान नियम लागू किए जाएंगे. इसके तहत ई-रिक्शा और ई-बाइक के लिए भी परमिट प्रक्रिया अनिवार्य की जा रही है.
सभी वाहनों के लिए समान नियम
सरकार के इस फैसले के बाद पारंपरिक ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रिक रिक्शा सहित यात्री परिवहन से जुड़े सभी वाहनों के लिए एक जैसे नियम लागू होंगे. मंत्री सरनाईक ने कहा कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यात्री परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, अनियमितताओं पर रोक लगाना और व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है.
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“वन विंडो योजना” की तैयारी
परमिट प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए परिवहन विभाग “वन विंडो योजना” शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इस योजना के तहत परमिट के लिए आवेदन, आवश्यक दस्तावेजों की जांच और परमिट की मंजूरी एक ही स्थान पर सरल तरीके से पूरी की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस प्रणाली से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी तथा किसी भी प्रकार के गैर-व्यवहार को रोका जा सकेगा.
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यात्री सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर
परिवहन मंत्री सरनाईक ने विश्वास व्यक्त किया कि इस फैसले से राज्य की यात्री परिवहन व्यवस्था में अधिक अनुशासन आएगा, नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और यात्रियों को सुरक्षित व नियंत्रित सेवाएं उपलब्ध होंगी. सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह निर्णय इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.














