7 लुटेरों से अकेले भिड़ गए 70 साल के रिटायर्ड सूबेदार, चाकू के 6 वार झेले फिर भी नहीं मानी हार

महाराष्‍ट्र में रिटायर्ड सूबेदार के घर में 7 लुटेरे घुसे, तो वह अकेले ही सब से भिड़ गए. लुटेरों ने सूबेदार पर कई वार किये, लेकिन उन्‍होंने हार नहीं मानी. सूबेदार के हौसले के आगे लुटेरों की हिम्‍मत जवाब दे गई और वे भाग खड़े हुए.

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  • बिजली गुल होने के दौरान 70 वर्षीय पूर्व सैनिक विश्वनाथ मुरलीधर जगताप के घर लुटेरों ने हमला किया
  • सात हथियारबंद लुटेरों ने फार्म हाउस में घुसकर कीमती सामान और परिवार के सदस्यों के गहने छीन लिए
  • विश्वनाथ जगताप ने बहादुरी दिखाते हुए लुटेरों का सामना किया, मगर चाकू से कई बार घायल हो गए
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महाराष्‍ट्र:

लुटेरे अंधेरे का फायदा उठाकर एक घर में घुस गए. सोचा कि घर में सिर्फ एक बूढ़ा और उसका परिवार रहता है, इसलिए आसानी से चोरी कर निकल जाएंगे. लेकिन लुटेरों को ये नहीं पता था कि घर के मुखिया 70 साल के विश्वनाथ मुरलीधर जगताप, इंडियन आर्मी से रिटायर्ड सूबेदार हैं. विश्वनाथ मुरलीधर जगताप ने घर में घुसे 7 लूटेरों का बेहद साहस के साथ सामना किया. हालांकि, इस दौरान लुटेरों ने विश्वनाथ मुरलीधर जगताप पर चाकू से कई वार किये, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए.    

घटना महाराष्ट्र के धाराशिव जिले का है, जहां बदमाशों ने एक पूर्व सैनिक के घर को निशाना बनाया. लुटेरों ने न सिर्फ घर में लूटपाट की, बल्कि परिवार के लोगों पर जानलेवा हमला भी किया. शनिवार की रात जब विश्वनाथ जगताप का परिवार सो रहा था, तभी 5 से 6 अज्ञात हथियारबंद डकैतों ने उनके घर पर धावा बोल दिया. रिटायर्ड सूबेदार विश्वनाथ मुरलीधर जगताप (उम्र 70) लुटेरों से लड़ते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए. अब उनका पुणे के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.

लुटेरों ने किये चाकू से 6 वार, फिर भी नहीं मानी हार (AI Image)

लुटेरों ने किये चाकू से 6 वार, फिर भी नहीं मानी हार 

बताया जा रहा है कि जगताप अपनी पत्नी के साथ कुंभेजा में एक फार्म हाउस में रहते हैं. देर रात करीब 12.30 बजे इलाके में बिजली गुल होने का फायदा उठाकर छह हथियारबंद लुटेरों ने उनके घर पर धावा बोल दिया. लुटेरे घर में घुसे, अलमारियों में तोड़फोड़ की और कीमती सामान चुरा लिया. लुटेरों ने जगताप के परिवार की महिलाओं के गले से सोने के गहने भी छीन लिए. घटना का पता चलने पर विश्वनाथ जगताप ने बहादुरी से लुटेरों को रोकने की कोशिश की. लेकिन, लुटेरों ने उन पर धारदार हथियारों से पांच से छह बार वार किया. इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. घायल होने के बावजूद वह चिल्लाते रहे उनकी चीख सुनकर इलाके के लोग जाग गए और मौके पर पहुंचे. 

पुलिस ने 24 घंटे में लुटेरों को किया गिरफ्तार 

लोगों को इकट्ठा होते देख लुटेरे वहां से भाग गए. बताया गया है कि इस लूट में आरोपियों ने करीब दो तोले की सोने की चेन और करीब 60 हजार रुपये कैश लूट लिए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से सबूत इकट्ठा कर आरोपियों की तलाश के लिए तेजी से जांच चली. वारदात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय अपराध शाखा और परांडा पुलिस की कई टीमें गठित की गईं. गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और महज 24 घंटे के भीतर डकैतों की टोली के 7 संदिग्धों को पकड़ा है. 

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पुलिस ने इस डकैती में शामिल टोली के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने डेढ़ लाख रुपये की कीमत के लूटे गए जेवर और अन्य कीमती सामान बरामद कर लिया है. पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे राज्य के अन्य जिलों में भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं.

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