- भारत अपनी LPG जरूरत का साठ प्रतिशत हिस्सा विश्व बाजारों से आयात करता है.
- पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय ने एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए 3500 से अधिक छापेमारी की हैं
- एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल सामान्य रूप से हो रही है और वितरकों में कमी की कोई रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है
मध्यपूर्व एशिया में युद्ध की वजह से देश में LPG के आयात पर असर पड़ रहा है. भारत अपनी ज़रूरत का 60% LPG दुनियाभर के बाज़ारों से आयात करता है, जिसका 90% स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुजरता है. मध्य पूर्व एशिया में पिछले 20 दिनों से जारी युद्ध की वजह से भारत के 24 कार्गो जहाज़ स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में फंसे हुए हैं, और एलपीजी का आयात बाधित हो रहा है.इस चुनौती के बीच सरकार ने देश में LPG की ब्लैकमार्केटिंग और होर्डिंग के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान छेड़ दिया है.
पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है. उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र आदि में 3,500 से अधिक छापेमारी की जा चुकी हैं और लगभग 1400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं.
केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे छापेमारी जारी रखें ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों को गिरफ्तार किया जा सके.सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों ने जमाखोरी/कालाबाजारी के मामलों की जांच करने के लिए देश भर में 2,000 से अधिक आरओ और एलपीजी वितरकों पर औचक निरीक्षण किया है.
भारत मध्यपूर्व एशिया में जारी युद्ध से प्रभावित हुआ है. भारत में एलपीजी आयात का 90% हिस्सा मध्य पूर्व से आता है, जबकि एलएनजी आयात का 47% हिस्सा कतर से आता है. वहां हालात ख़राब होने की वजह से सप्लाई प्रभावित हो रही है.पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एलपीजी की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय है. एलपीजी वितरकों में आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है.अधिकांश आपूर्ति डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) के माध्यम से हो रही हैं. घबराहट में की गई बुकिंग में कमी आई है. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है.
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