- उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 2026 के लिए हेली सेवाओं के संचालन हेतु युकाडा नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा
- केदारनाथ हेली सेवाओं में शटल उड़ानों की संख्या सुरक्षा कारणों से 30 प्रतिशत घटाकर 184 कर दी गई है
- हेली सेवाओं के किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है और पिछली यात्रा के समान ही शुल्क लागू रहेगा
अप्रैल महीने में शुरू होने जा रही उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 2026 को लेकर सभी स्तरों पर तैयारियां तेज हो चुकी है. इसी कड़ी में केदारनाथ समेत चारों धामों की हेली सेवाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. हेली सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाला उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (युकाडा) इस बार नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. दरअसल, हेली सेवाओं के लिए तीन साल पहले (2023 में) किए गए टेंडर की अवधि 2025 में समाप्त हो चुकी है. ऐसे में 2026 की चार धाम यात्रा के लिए नई एविएशन कंपनियों के चयन हेतु नए टेंडर जारी किए जाएंगे.
चार धाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु, हेली सेवा की अहम भूमिका
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में देश‑विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. अधिकांश श्रद्धालु सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में यात्री हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए भी दर्शन करते हैं.
केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं का संचालन गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से किया जाता है, जहां लगभग 9 एविएशन कंपनियां सेवाएं देती हैं.
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2026 के लिए नए टेंडर होंगे जारी
युकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि वर्ष 2023 से 2025 तक हेली कंपनियों के साथ अनुबंध किया गया था. अब चार धाम यात्रा 2026 के लिए नए टेंडर जल्द प्रकाशित किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि इस बार डीजीसीए (DGCA) की ओर से हेली सेवाओं के संचालन को लेकर कड़े दिशा‑निर्देश जारी किए गए हैं. केदारनाथ घाटी समेत चारों धामों में हेली सेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिए पूरी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की जाएगी.
केदारनाथ में शटल सेवाओं में 30% की कटौती
युकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि इस बार केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर शटल सेवाओं की संख्या 30 प्रतिशत कम की गई है. अब कुल 184 शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी, जबकि पहले यह संख्या करीब 264 हुआ करती थी. यह फैसला सुरक्षा और मौसम की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं
युकाडा ने साफ किया है कि हेली सेवाओं के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. पिछली यात्रा में जो किराया तय था, वही इस बार भी लागू रहेगा.
- गुप्तकाशी से केदारनाथ: ₹12,444 प्रति व्यक्ति
- फाटा से केदारनाथ: ₹8,842 प्रति व्यक्ति
- सिरसी से केदारनाथ: ₹8,839 प्रति व्यक्ति
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सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी इंतेजाम
सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि डीजीसीए के दिशा‑निर्देशों के तहत सहस्त्रधारा और सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) तैनात किया गया है. इसके साथ ही केदारनाथ और बद्रीनाथ हेलीपैड पर बाइंडिंग और फ्लैटनिंग का काम भी किया जाना है. सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुएसखराब मौसम में किसी भी हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी
हेलीपैड और उड़ान मार्गों पर लाइव कैमरे और PTZ कैमरे लगाए गए हैं
हेलीकॉप्टर उड़ाने वाले पायलट के लिए कम से कम 1500 घंटे का उड़ान अनुभव अनिवार्य किया गया है, पहली बार केदारनाथ घाटी में उड़ान भरने वाले पायलट को अनुमति नहीं दी जाएगी. युकाडा के अनुसार, इन सभी उपायों का उद्देश्य चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.













