कर्नाटक हिजाब केस : "फिलहाल छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की इजाज़त दी जाए...": SC में गुहार

याचिकाकर्ता ने कहा कि कर्नाटक हिजाब मामले पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों के बीच मतभेद के चलते फैसला नहीं हो सका था. परीक्षाएं होने वाली हैं इसलिए फिलहाल परीक्षा तक की छूट दी जाए.

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वकील शादान फरासत ने कहा कि इस मामले में सिर्फ अंतरिम राहत पर विचार किया जाए.
नई दिल्ली:

कर्नाटक हिजाब मामले में याचिकाकर्ताओं ने फिलहाल छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की इजाजत सुप्रीम कोर्ट से मांगी है. साथ ही जल्द सुनवाई की मांग भी की है. CJI डी वाई चंद्रचूड़ जल्द सुनवाई के लिए तैयार भी हो गए हैं, उन्होंने कहा कि हम इसपर जल्द सुनवाई करेंगे. दरअसल याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील शादान फरासत ने CJI की बेंच को बताया कि  9 मार्च से परीक्षा शुरू होनी हैं.  छात्राओं को हिजाब पहनकर परीक्षा की इजाजत दी जाए. पहले ही वो एक साल खराब कर चुकी हैं.

वकील शादान फरासत ने कहा कि इस मामले में सिर्फ अंतरिम राहत पर विचार किया जाए. दरअसल अक्टूबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की बेंच ने बंटा हुआ फैसला सुनाया था. दोनों जजों की राय अलग होने के बाद मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया था. तब से तीन जजों की बेंच का गठन नहीं किया गया है.

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याचिकाकर्ता ने कहा कि कर्नाटक हिजाब मामले पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों के बीच मतभेद के चलते फैसला नहीं हो सका था. परीक्षाएं होने वाली हैं इसलिए फिलहाल परीक्षा तक की छूट दी जाए. सीजेआई ने पूछा कि परीक्षा में शामिल होने मे क्या समस्या है. याचिकाकर्ता के वकील शादान फरासत ने कहा कि हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की इजाजत नहीं है.
 सोमवार को ही मामले की सुनवाई जाए. इसपर CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने भरोसा दिलाया कि वो देखेंगे.

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