अवैध प्रवासी भारतीयों की वापसी को लेकर अमेरिका से जताई थी चिंता, संसद में सरकार ने दी जानकारी

भारत सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वापसी के दौरान धार्मिक भावना का ख्याल रखा जाए. इस मुद्दे पर अमेरिका का कहना है कि वापसी के दौरान किसी को पगड़ी हटाने के लिए नहीं कहा गया है.

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भारत सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने अवैध प्रवासी भारतीयों की वापसी के दौरान उनके व्यवहार को लेकर चिंता जताई है. भारत सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वापसी के दौरान धार्मिक भावना का ख्याल रखा जाए. इस मुद्दे पर अमेरिका का कहना है कि वापसी के दौरान किसी को पगड़ी हटाने के लिए नहीं कहा गया है. इस बारे में संसद में विदेश मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई है.

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार क्रमशः 5, 15 और 16 फरवरी 2025 को आने वाली तीन चार्टर्ड उड़ानों में निर्वासित लोगों को किसी भी धार्मिक सिर के आवरण को हटाने का निर्देश नहीं दिया गया था और निर्वासित लोगों ने शाकाहारी भोजन के अनुरोध के अलावा उड़ानों के दौरान किसी भी धार्मिक समायोजन का अनुरोध नहीं किया था.

अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) ने यह भी बताया कि कुछ बंदी बिना पगड़ी के अमेरिकी सीमा पर पहुंचे थे. मंत्रालय ने 5 फरवरी को उतरने वाली उड़ान में निर्वासित लोगों के साथ किए गए व्यवहार, विशेष रूप से महिलाओं पर बेड़ियों के उपयोग के संबंध में अमेरिकी अधिकारियों के साथ अपनी चिंताओं को दृढ़ता से दर्ज किया है.

अमेरिकी पक्ष ने पुष्टि की है कि 15 और 16 फरवरी को भारत में उतरने वाली निर्वासन उड़ानों में किसी भी महिला या बच्चे को नहीं रोका गया था. भारत पहुंचने पर निर्वासितों से पूछताछ के बाद हमारी एजेंसियों द्वारा इसकी पुष्टि की गई और इसे रिकॉर्ड किया गया. विदेश मंत्रालय ऐसे अभियानों के दौरान निर्वासितों के साथ मानवीय व्यवहार के संबंध में अमेरिकी पक्ष के साथ संपर्क में है.

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