संसद में वक्फ बिल का विरोध करेगा 'इंडिया' गठबंधन, चर्चा के दौरान तकरार तय  

कांग्रेस का कहना है कि सदस्यों ने जेपीसी में जो विचार व्यक्त किए हैं, वही व‍िचार आज भी है. इस बिल को लाकर सिर्फ बांटने का प्रयास किया जा रहा है. भाजपा की सरकार हमेशा ही ऐसा करती है.

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नई दिल्ली:

विपक्ष ने सर्वसम्मति से बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर पूरी चर्चा करने और संसद में इसके खिलाफ मतदान करने का फैसला किया है. विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' ने मंगलवार को एकजुटता दिखाते हुए संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की.

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, राकांपा नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और आप के संजय सिंह शामिल हुए.

इनके अलावा बैठक में द्रमुक के टी आर बालू, तिरुचि शिवा और कनिमोई, राजद के मनोज कुमार झा, माकपा के जॉन ब्रिटास, भाकपा के संदोष कुमार पी, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और वाइको सहित कई दलों के नेता भी मौजूद थे.

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वहीं आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हमने विधेयक पर चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लेने का फैसला किया है और बुधवार को विधेयक पारित करने के समय मजबूत विपक्ष मौजूद रहेगा." उन्होंने बताया कि विपक्ष हर स्तर पर विधेयक के खिलाफ रहा है.

वक्फ संशोधन विधेयक विचार और पारित कराने के लिए बुधवार को लोकसभा में लाया जाएगा और इस दौरान हंगामा होने के आसार हैं क्योंकि विपक्षी दल इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं.

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बिल के जरिए लोगों को बांटने का प्रयास - कांग्रेस

कांग्रेस ने पार्टी के सभी लोकसभा सदस्यों को व्हिप जारी कर अगले तीन दिनों तक सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. बिल को लेकर कांग्रेस का कहना है कि पार्टी का जो रुख पहले था वही आज भी है. सदन में इस बिल का विरोध किया जाएगा, क्योंकि इस बिल के माध्यम से एनडीए सरकार की बांटने की कोशिश है. कांग्रेस के सदस्यों ने जेपीसी में जो विचार व्यक्त किए हैं, वही व‍िचार आज भी है. इस बिल को लाकर सिर्फ बांटने का प्रयास किया जा रहा है. भाजपा की सरकार हमेशा ही ऐसा करती है. इसका एक स्टेप वक्फ संशोधन बिल है. कांग्रेस हमेशा से 'अल्पसंख्यकों' के साथ रही है.

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पिछले साल विधेयक पेश करते समय सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव किया था. समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने के बाद, उसकी सिफारिश के आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मूल विधेयक में कुछ बदलावों को मंजूरी दी थी. विधेयक में भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार का प्रावधान प्रस्तावित है.

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