ग्रेटर नोएडा में घरेलू गैस की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा, 80 रुपये की गैस 400 में बेच रहे दुकानदार

ग्रेटर नोएडा में घरेलू सिलेंडरों से अवैध गैस रिफिलिंग के बड़े खेल का खुलासा हुआ है, जहां 90 रुपये की गैस 400 रुपये किलो तक बेची जा रही है.

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नोएडा में चल रही घरेलू रसोई गैस की कालाबाजारी
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  • ग्रेटर नोएडा में अवैध गैस रिफिलिंग का खेल चल रहा है जिसमें गैस की कीमतें तीन से चार गुना बढ़ाई जा रही हैं
  • स्टिंग ऑपरेशन में पता चला कि दुकानदार सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटे सिलेंडरों में भर रहे
  • घरेलू एलपीजी सिलेंडर से छोटे सिलेंडरों में गैस भरना कानूनी तौर पर अवैध और सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है
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मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की चोट भारत में भी देखने को मिल रही है. एक तरफ जहां रसोई गैस की कमी से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ आपदा में अवसर तलाशने वाले कालाबाजारी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं. ग्रेटर नोएडा में अवैध गैस रिफिलिंग का एक बड़ा खेल चल रहा है, जिसका खुलासा एक स्टिंग ऑपरेशन के दौरान हुआ है.

300 से 400 रुपये किलो बेची जा रही गैस

हैरान कर देने वाली बात यह है कि जो गैस कुछ समय पहले तक 80 से 90 रुपये प्रति किलो के भाव पर मिलती थी, उसे अब दुकानदार 300 से 400 रुपये प्रति किलो के मनमाने दामों पर बेच रहे हैं. स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया कि दुकानदार खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और आम लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे चार गुना ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं.

घरेलू सिलेंडरों से चल रहा अवैध रिफिलिंग का खेल

NDTV की टीम द्वारा किए गए इस स्टिंग में खुलासा हुआ है कि दुकानदार अपनी दुकान में चोरी-छिपे सब्सिडी वाले 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों में भर रहे हैं. यह कानूनी रूप से अवैध है. घरेलू गैस का कर्मिशियल तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. ऐसा करने पर कार्रवाई का प्रावधान है.

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लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा

दुकान पर इस तरह घरेलू एलपीजी सिलेंडर से छोटे सिलेंडरों में गैस भरना ना सिर्फ कालाबाजारी है बल्कि यह लोगों की जान से खिलवाड़ भी है. रिफिलिंग के दौरान सुरक्षा के कोई मानक नहीं अपनाए जाते. संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में जिस तरह से गैस पलटी जा रही है, उससे किसी भी वक्त बड़ा धमाका हो सकता है. पहले भी ऐसी अवैध रिफलिंग से कई बड़े हादसे हो चुके हैं.

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