- मॉनसून सत्र से पहले एनडीए खेमा दो तिहाई बहुमत जुटाने में लगा हुआ है
- टीएमसी के 20 सांसदों के टूटने के बाद एनडीए का नंबर बढ़ा है
- सत्तारूढ़ दल एनसीपी शरद पवार और डीएमके पर भी नजर बनाए हुए है
संसद के मॉनसून सत्र से पहले एनडीए नंबर गेम की तैयारी में जुटा है. टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) में टूट के बाद एनडीए खेमा संसद में धीरे-धीरे दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंचता दिख रहा है. संसद में संविधान संशोधन कराने के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी होता है. पिछले सत्र के दौरान एनडीए खेमा दो तिहाई बहुमत नहीं होने के कारण महिला आरक्षण बिल संसद में पास नहीं करवा पाया था.
लोकसभा का नंबर गेम समझिए
लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या 543 है. इसमें अभी तीन सीटें खाली हैं. यानी मौजूदा स्ट्रेंथ अभी 540 है. इस हिसाब से दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा 360 तक पहुंचता है. अप्रैल में 131वें संविधान संशोधन बिल में वोटिंग के दौरान 528 सांसदों ने हिस्सा लिया था. एनडीए को कुल 298 वोट मिले थे जबकि विपक्ष को 230 वोट मिले थे. इसके बाद से एनडीए का नंबर तेजी से मजबूत होता जा रहा है.
20 टीएमसी सांसदों ने बदला पाला
पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी की बंपर जीत के बाद राज्य के हालात बदल गए. टीएमसी के 28 में से 20 सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर पाला बदल लिया. उन्होंने एक अनजान सी पार्टी NCPI के साथ मर्जर कर लिया. अब ये बागी सांसद एनडीए का समर्थन कर रहे हैं. दूसरी तरफ शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ विलय कर लिया है. दूसरी तरफ एनसीपी शरद पवार गुट के 8 सांसदों ने शर्तों पर समर्थन देने का संकेत दिया है. सबसे खास बात ये है कि तमिलनाडु चुनाव के बाद डीएमके ने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया है. अब बताया जा रहा है कि उनके सांसद भी एनडीए के बिल को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं.
अब समझिए एनडीए का नंबर
विपक्ष के बागी और कुछ अन्य दलों के सांसदों के नंबर को अगर जोड़ लें तो ये आंकड़ा 56 तक पहुंचता है. ऐसे में संसद में एनडीए का आंकड़ा 354 तक पहुंच जाता है. दो तिहाई के 360 के आंकड़े से महज 6 कम. अब सरकार की नजर जगन मोहन की पार्टी YSRCP के चार सांसदों पर है. इसके अलावा निर्दलीय 7 सांसद हैं. इन सबके अलावा एनडीए विपक्ष के संभावित गैरहाजिरी पर भी नजर बनाए हुए है. अगर ये सब आंकड़ा सफल हो जाता है तो एनडीए लोकसभा में आसानी से दो तिहाई का आंकड़ा पार कर लेगी.
राज्यसभा का गणित समझिए
संविधान संशोधन बिल को पास कराने के लिए संसद के ऊपरी सदन में भी दो तिहाई बहुमत जरूरी है. राज्यसभा के सदस्यों की कुल संख्या 245 है. दो तिहाई का आंकड़ा 164 तक पहुंचता है. अभी ऊपरी सदन में एनडीए की स्ट्रेंथ 153 है. इसमें नॉमिनेटेड 7 और 3 निर्दलीय सांसद भी शामिल हैं. यानी दो तिहाई बहुमत के आंकड़े से 11 सांसद कम. अब एनडीए की नजर बीजेडी के 5, YSRCP के 4, बीआरएस के 3, डीएमके के 8 और एनसीपी शरद पवार के 1 सांसद पर टिकी है. अगर इन दलों का समर्थन एनडीए को मिल जाता है तो वो राज्यसभा में भी आसानी से दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर लेगी.
अब आगे क्या है रास्ता
एनडीए की रणनीति बिल्कुल साफ है. सत्तारूढ़ खेमा विपक्षी दलों के साथ गठजोड़, राज्य स्तरीय पार्टी से सशर्त समर्थन और विपक्षी सांसदों के सदन से अनुपस्थित रहने जैसे मामले को लेकर रणनीति बनाने में जुटी है. अगर एनडीए इस मामले में सफल रहती है तो संसद में उसकी संख्या बड़ी हो जाएगी. इस नंबर के जरिए सरकार सदन में अहम संविधान संशोधन बिल पास करवा सकती है. अभी एनडीए खेमा लोकसभा और राज्यसभा दोनों में दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंचती दिख रही है. अब मॉनसून सत्र में ये पता चलेगा कि क्या एनडीए खेमा नंबर गेम में विजेता बनती है या नहीं.
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