MUDA घोटाले में राज्यपाल ने सिद्दरमैया को भेजा कारण बताओ नोटिस

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की मंत्रिपरिषद ने लंबी बैठक के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत से इस नोटिस को वापस लेने की सिफारिश की है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
बेंगलुरु:

MUDA घोटाले को लेकर बीजेपी शनिवार से मैसूर तक की पदयात्रा शुरू कर रही है और कांग्रेस ने आज से ही इस पदयात्रा का जवाब देने के लिए जन आंदोलन शुरू कर दिया है. कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने एक सामाजिक कार्यकर्ता टीजे अब्राहम की शिकायत पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था. टीजे अब्राहम का कहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस घोटाले में सीधे तौर पर शामिल है.

टीजे अब्राहम ने कहा कि मैंने शिकायत दर्ज कराने से पहले इस केस में बहुत अनियमितता देखी थी. यहां कोई कृषि भूमि नहीं थी, तब कृषि भूमि को कैसे खरीद सकते हैं? इसके बाद इस जमीन के कन्वर्जन के लिए आवेदन किया गया. तब, कन्वर्जन के लिए कुछ नहीं बचा था, जमीन पर पहले से ही विकास हो चुका था.

टीजे अब्राहम के मुताबिक MUDA ने जब 1998 में जमीन के उस टुकड़े को डी नोटिफाई कर उसके मालिक को वापस देने का फैसला किया, तब सिद्धारमैया जेएच पटेल मंत्रिमंडल में उप मुख्यमंत्री थे. इसी प्लॉट को 2004 में सिद्धारमैया की पत्नी के भाई ने खरीदा, तब भी सिद्धारमैया राज्य के उपमुख्यमंत्री थे. लेआउट विकसित हो चुका था, फिर भी जमीन के एक टुकड़े को कृषि भूमि का नाम देकर उसे कृषि के लिए अनुपयुक्त घोषित किया गया. 3 एकड़ 14 गुंटा जमीन के टुकड़े को सिद्धारमैया की पत्नी को उनके भाई ने उपहार के तौर पर दिया था.

अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की मंत्रिपरिषद ने लंबी बैठक के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत से इस नोटिस को वापस लेने की सिफारिश की है. वहीं, दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के बहुचर्चित एमयूडीए घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
West Bengal Election: बंगाल में बंपर वोटिंग के पीछे TMC सांसद Babul Supriyo का चौंकाने वाला जवाब
Topics mentioned in this article